Desh Bhakti/Patriotic Poems in Hindi देश-भक्ति कविताएँ
राम प्रसाद बिस्मिल
- सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है
- जिन्दगी का राज-चर्चा अपने क़त्ल का
- मिट गया जब मिटने वाला (अन्तिम रचना)
- मुखम्मस-हैफ़ हम जिसपे कि तैयार थे मर जाने को
- न चाहूँ मान दुनिया में, न चाहूँ स्वर्ग को जाना
- हे मातृभूमि ! तेरे चरणों में सिर नवाऊँ
- अरूज़े कामयाबी पर कभी तो हिन्दुस्तां होगा
- भारत जननि तेरी जय हो विजय हो
- ऐ मातृभूमि तेरी जय हो, सदा विजय हो
- बला से हमको लटकाए अगर सरकार फांसी से-तराना
- देश की ख़ातिर मेरी दुनिया में यह ताबीर हो
- दुनिया से गुलामी का मैं नाम मिटा दूंगा
- आज़ादी-इलाही ख़ैर ! वो हरदम नई बेदाद करते हैं
- देश हित पैदा हुये हैं देश पर मर जायेंगे
सुब्रह्मण्य भारती
अशफ़ाकउल्ला खाँ
महादेवी वर्मा
मैथिलीशरण गुप्त
हरिवंशराय बच्चन
- स्वतन्त्रता दिवस
- आज़ाद हिन्दुस्तान का आह्वान
- आज़ादों का गीत
- शहीदों की याद में
- शहीद की माँ
- राष्ट्र ध्वजा
- भारतमाता मन्दिर
- नौ अगस्त, '४२
- क्रांति दीप
- कवि का दीपक
- घायल हिन्दुस्तान
- आज़ादी का नया वर्ष
- देश के सैनिकों से
- देश के युवकों से
- आज़ादी के बाद
- देश-विभाजन-१
- देश-विभाजन-२
- देश-विभाजन-३
- देश के नेताओं से
- देश के नाविकों से
- आजादी की पहली वर्षगाँठ
- आजादी की दूसरी वर्षगाँठ
- गणतंत्र दिवस
- गणतन्त्र पताका
- झण्डा
- बन्दी
- बन्दी मित्र
सुभद्रा कुमारी चौहान
रामधारी सिंह दिनकर
सुमित्रानंदन पंत
सूर्यकान्त त्रिपाठी निराला
सोहन लाल द्विवेदी
गयाप्रसाद शुक्ल 'सनेही'
गिरिजा कुमार माथुर
माखनलाल चतुर्वेदी
श्रीधर पाठक
गोपालदास नीरज
दुष्यंत कुमार
डाक्टर मुहम्मद इकबाल
नानक सिंह
ज़फ़र अली ख़ाँ
अल्लामा ताजवर नजीबाबादी
बृज नारायण चकबस्त
- उन्हें ये फ़िक्र है हर दम नई तर्ज़-ए-जफ़ा क्या है
- कभी था नाज़ ज़माने को अपने हिन्द पे भी
- कुछ ऐसा पास-ए-ग़ैरत उठ गया इस अहद-ए-पुर-फ़न में
- ज़बाँ को बंद करें या मुझे असीर करें
- दिल किए तस्ख़ीर बख़्शा फ़ैज़-ए-रूहानी मुझे
- नए झगड़े निराली काविशें ईजाद करते हैं
- फ़ना नहीं है मुहब्बत के रंगो बू के लिए
- मिटने वालों को वफा का यह सबक याद रहे
- ख़ाक-ए-हिंद
- मज़हब-ए-शायराना
- मर्सिया गोपाल कृष्ण गोखले
- मर्सिया बाल-गंगा-धर-तिलक
- वतन का राग
- हुब्ब-ए-क़ौमी