Lokoktiyan Evam Kahawatein (लोकोक्तियाँ एवं कहावतें)

लोकोक्ति का अर्थ एवं परिभाषा: 'लोकोक्ति' शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है — लोक + उक्ति। अर्थात् ऐसी उक्ति जो किसी क्षेत्र विशेष में किसी विशिष्ट अर्थ की ओर संकेत करती है, लोकोक्ति कहलाती है। इसे कहावत, सूक्ति आदि नामों से भी जाना जाता है। लोकोक्ति लोक-अनुभवों पर आधारित ज्ञान होता है और प्रत्येक लोकोक्ति के पीछे कोई न कोई घटना या कहानी निहित होती है।

कहावत का अर्थ: 'कही हुई बात'। जिस पद-समूह में अनुभव की गई कोई बात सुंदर और प्रभावशाली ढंग से कही जाती है, उसे कहावत कहते हैं।

प्रमुख विद्वानों के अनुसार लोकोक्ति की परिभाषाएँ

डॉ. भोलानाथ तिवारी: "विभिन्न प्रकार के अनुभवों, पौराणिक तथा ऐतिहासिक व्यक्तियों एवं कथाओं, प्राकृतिक नियमों एवं लोक विश्वास आदि पर आधारित चुटीला, सारगर्भित, सजीव, संक्षिप्त लोक-प्रचलित ऐसी उक्तियों को लोकोक्ति कहते हैं जिनका प्रयोग बात की पुष्टि या विरोध, सीख तथा भविष्य-कथन आदि के लिए किया जाता है।"

ऑक्सफोर्ड डिक्शनरी: "जनता में प्रचलित कोई छोटा सा सारगर्भित वचन, अनुभव अथवा निरीक्षण द्वारा निश्चित या सबको ज्ञात किसी सत्य को प्रकट करने वाली कोई संक्षिप्त उक्ति लोकोक्ति है।"

अरस्तु (Aristotle): "संक्षिप्त और प्रयोग करने के लिए उपयुक्त होने के कारण तत्वज्ञान के खंडहरों में से चुनकर निकाले हुए टुकड़े, बचा लिए गए अंश को लोकोक्ति की संज्ञा से अभिहित किया जा सकता है।"

टेनिसन (Tennyson): "लोकोक्ति वे रत्न हैं जो लघु आकार होने पर भी अनंत काल से चली आ रही उक्ति हैं।"

धीरेंद्र वर्मा: "लोकोक्तियाँ ग्रामीण जनता की नीति-शास्त्र हैं। यह मानवीय ज्ञान के घनीभूत रत्न हैं।"

डॉ. सत्येंद्र: "लोकोक्तियों में लय और तान या ताल न होकर संतुलित स्पंदनशीलता ही होती है।"

लोकोक्ति और मुहावरे में अंतर

मुहावरा पूर्णतः स्वतंत्र नहीं होता है; अकेले मुहावरे से वाक्य पूरा नहीं होता। इसके विपरीत, लोकोक्ति पूरे वाक्य का निर्माण करने में समर्थ होती है। मुहावरा भाषा में चमत्कार उत्पन्न करता है जबकि लोकोक्ति उसमें स्थिरता लाती है। लोकोक्ति का वाक्य में ज्यों का त्यों (बिना बदलाव) प्रयोग किया जाता है, जबकि मुहावरे का प्रयोग वाक्य की क्रिया के अनुसार बदल जाता है।