Dr. Vijay Pratap Shahi / डॉ. विजय प्रताप शाही

डॉ. विजय प्रताप शाही (विद्या वाचस्पति) का जन्म 27 जनवरी 1975 को ग्राम बरवां बाबू (पिपराईच-हाटा मार्ग), जिला कुशीनगर, उत्तर प्रदेश में हुआ। इनकी माता स्व. उर्मिला देवी एवं पिता श्री रामदास शाही हैं। इन्होंने अपनी प्रारम्भिक शिक्षा पं. दीनदयाल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय तथा माध्यमिक शिक्षा कोआपरेटिव इण्टर कालेज, पिपराईच (गोरखपुर) से प्राप्त की। इसके पश्चात दिग्विजयनाथ पोस्ट ग्रेजुएट कालेज (दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय) से उच्च शिक्षा पूर्ण की।

व्यावसायिक परिचय: वे गोरखपुर स्थित 'प्रताप आरो सेल्स एण्ड सर्विस सेंटर' के संस्थापक हैं, जो 'रॉइजन रॉयल वाटर प्यूरीफायर मशीन' के निर्माण एवं वितरण से सम्बद्ध है।

साहित्यिक परिचय एवं कृतियाँ: डॉ. शाही सोरठा, दोहा, चौपाई, छंद, कविता, गीत एवं गजल-गीतिका जैसी विधाओं में हिन्दी, भोजपुरी तथा अवधी में लेखन करते हैं। इनके काव्य-संग्रह 'श्री हनुमंत प्रकाश' एवं 'स्नेह संकलन' प्रकाशित हो चुके हैं। इसके अतिरिक्त 'नयी सदी के स्वर' सहित विभिन्न साझा काव्य-संग्रहों तथा 'कविताम्बरा' जैसी साहित्यिक पत्र-पत्रिकाओं में इनकी रचनाएँ निरंतर प्रकाशित होती रहती हैं।

साहित्यिक सम्मान: आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी अंतरराष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय एवं श्री बजरंग लोक मानस कल्याण समिति द्वारा 'विद्या वाचस्पति' की मानद उपाधि से अलंकृत। इन्हें काव्य शिरोमणि, काव्य विभूषण, ऋतुराज सम्मान, गौरव सम्मान, साहित्य श्री, पर्यावरण प्रहरी सम्मान तथा शारदा साहित्य रत्न सहित अनेक राष्ट्रीय साहित्यिक मंचों द्वारा सम्मानित किया गया है।

वर्तमान पता: राप्ती नगर प्रथम चरण, पो. आरोग्य मंदिर, मेडिकल कॉलेज रोड, गोरखपुर, उत्तर प्रदेश - 273003
संपर्क: 9935025901, 6388236360

डॉ. विजय प्रताप शाही - हिन्दी कवि

हिन्दी कविताएँ : विजय प्रताप शाही

Hindi Poetry : Vijay Pratap Shahi