Sitakant Mahapatra / सीताकांत महापात्र

सीताकान्त महापात्र (जन्म: 17 सितम्बर 1937) प्रसिद्ध उड़िया साहित्यकार हैं। इन्हें 1993 में प्रतिष्ठित ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। सन 2003 में भारत सरकार द्वारा साहित्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में इन्हें पद्म भूषण से अलंकृत किया गया।

सीताकान्त की कविता का काव्य संसार यथार्थ और अनुभूति के सलोने सम्मिश्रण से निर्मित हुआ है। उनकी कविताओं का सांस्कृतिक धरातल उनके अनुभव की उपज है। अतीत के जिस झरोखे से वे गांव की पगडंडी, तालाब, नदी, घर मन्दिर, सूर्योदय, ढलती शाम व मानवीय संबंधों इत्यादि का अवलोकन करते हुए सहजता से अपनी कविता में अभिव्यक्ति करते हैं, वह अनायास ही पाठकों को अपने में बांध लेती हैं।

सीताकांत महापात्र

तीस कविता वर्ष (कविता संग्रह)

Teesa Kavita Varsha : Sitakant Mahapatra

वर्षा की सुबह (कविता संग्रह)

Varsha Ki Subaha : Sitakant Mahapatra

लौट आने का समय (कविता संग्रह)

Laut Aane Ka Samay : Sitakant Mahapatra

विविध कविताएं

Vividh Kavitayen : Sitakant Mahapatra (अनुवाद : दिनेश कुमार माली)