डॉ. रामकरण साहू का साहित्यिक नाम ‘सजल’ है। उनका जन्म 10 अगस्त 1970 को हुआ। आपके पिता का नाम श्री श्रीकृष्ण साहू एवं माता का नाम श्रीमती रामरती साहू है।
शिक्षा: परास्नातक | प्रशिक्षण: बी.टी.सी., बी.एड., एल.एल.बी.
सम्प्रति: अध्यापन (विभाग: बेसिक शिक्षा परिषद, उ.प्र.)
प्रकाशित पुस्तकें:
1. मुक्तावली (मुक्तक संग्रह)
2. गाँव का सोंधापन (कविता संग्रह)
3. लेखनी पंचकाव्य (लम्बी कविता संग्रह)
4. पुरुषार्थ ही पुरुषार्थ (विहंगम काव्य संग्रह)
5. हँसते हुए ख्याल (ग़ज़ल संग्रह)
6. चाँद दागी हो गया (कविता संग्रह)
7. शबनम की बूँदें (कविता संग्रह)
8. सजल की ग़ज़लें (ग़ज़ल संग्रह)
9. सन्त गाडगे जी महाराज (महाकाव्य)
विशेष पुरस्कार: हिन्दी संस्थान, लखनऊ (उत्तर प्रदेश सरकार) के द्वारा सर्जना पुरस्कार के अन्तर्गत विजयदेव नारायण “साही” पुरस्कार वर्ष 2020 में प्रकाशित पुस्तक “चाँद दागी हो गया” पर प्राप्त हुआ।
प्रमुख सम्मान: वैश्य रत्न कानपुर, लवकुश सम्मान, वैश्य रत्न बाँदा, साहित्य बोध हरियाणा, डायरी सम्मान, साहित्य बोध उत्तराखण्ड, काव्य कुमुद सम्मान, शब्द श्री सम्मान, दोहा मर्मज्ञ सम्मान, काव्य कमल सम्मान, पुस्तक समीक्षा सम्मान, अमृषा काव्य सम्मान, काव्य चिंतन सम्मान, श्रेष्ठ रचनाकार सम्मान, साहित्य रत्नाकर सम्मान, दोहा दिवाकर सम्मान, साहित्य साधक सम्मान, शब्द सागर सम्मान, काव्य सलिल सम्मान, काव्य सुमन सम्मान आदि पाँच सौ से अधिक सम्मानों से अलंकृत।