Kisan / Krishk Majdoor Poems (किसान/कृषक मजदूर कविताएँ)
भारतीय ग्रामीण जीवन, किसान के अटूट परिश्रम और मजदूरों के संघर्ष को रेखांकित करती हिन्दी साहित्य की श्रेष्ठ रचनाओं का संकलन।
किसान और मजदूर जीवन पर प्रमुख हिन्दी कविताएँ
- हलधर फिर हुंकार उठे
- किसान : मैथिलीशरण गुप्त
- गाँवों में : सोहन लाल द्विवेदी
- झोपड़ियों की ओर : सोहन लाल द्विवेदी
- किसान : सोहन लाल द्विवेदी
- मज़दूर : सोहन लाल द्विवेदी
- किसान : नीरज कुमार
- किसान : गयाप्रसाद शुक्ल 'सनेही'
- मज़दूरों का गीत : गयाप्रसाद शुक्ल 'सनेही'
- यह धरती है उस किसान की : केदारनाथ अग्रवाल
- थैलीशाहों की यह बिल्ली : केदारनाथ अग्रवाल
- मजदूर का जन्म : केदारनाथ अग्रवाल
- उनको महल-मकानी : केदारनाथ अग्रवाल
- कवि किसान : सुमित्रानंदन पंत
- ग्राम चित्र : सुमित्रानंदन पंत
- ग्राम दृष्टि : सुमित्रानंदन पंत
- ग्राम देवता : सुमित्रानंदन पंत
- ग्राम नारी : सुमित्रानंदन पंत
- ग्राम युवती : सुमित्रानंदन पंत
- ग्राम वधू : सुमित्रानंदन पंत
- ग्राम श्री : सुमित्रानंदन पंत
- ग्रामीण : सुमित्रानंदन पंत
- चमारों का नाच : सुमित्रानंदन पंत
- तोड़ती पत्थर : सूर्यकान्त त्रिपाठी 'निराला'
- दलित जन पर करो करुणा : सूर्यकान्त त्रिपाठी 'निराला'
- किसान है क्रोध : गोलेन्द्र पटेल
- सरसराहट संसद तक : गोलेन्द्र पटेल
