Padma Sachdev | पद्मा सचदेव
पद्मा सचदेव (17 अप्रैल 1940 - 4 अगस्त 2021) का जन्म जम्मू से 40 किलोमीटर दूर एक ऐतिहासिक गाँव पुरमंडल के प्रतिष्ठित राजपुरोहित परिवार में हुआ। डोगरी लोकगीतों से प्रभावित होकर बारह-तेरह बरस की उम्र से ही उन्होंने डोगरी में कविता लिखना शुरू किया। उन्हें डोगरी की पहली आधुनिक कवयित्री होने का गौरव प्राप्त है। उनकी कविताएँ लोकगीतों की विलक्षणता से परिपूर्ण हैं। कुछ बरस बंबई रेडियो में स्टाफ-आर्टिस्ट के रूप में कार्य किया। 1969 में प्रकाशित ‘मेरी कविता मेरे गीत’ नामक कविता-संग्रह को 1971 का साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला।
प्रमुख प्रकाशित पुस्तकें: डोगरी कविताएँ, तवी ते झँना, न्हेरियाँ गलियाँ (जम्मू-कश्मीर सांस्कृतिक अकादमी से पुरस्कृत), पोटा पोटा निंबल, उत्तरवाहिनी; डोगरी से हिंदी में अनूदित कविता-संग्रह: मेरी कविता मेरे गीत, सबद मिलावा; साक्षात्कार: दीवानखाना; कहानियाँ: गोद भरी।
पद्मा सचदेव की रचनाएँ
(Categories)- अक्खर कुंड : पद्मा सचदेव
- कविताएं हिन्दी में : पद्मा सचदेव
- तेरी बातें ही सुनाने आए (रुबाइयाँ) : पद्मा सचदेव
- मेरी कविता मेरे गीत : पद्मा सचदेव
- डोगरी कविता : पद्मा सचदेव
- मेरी कविता मेरे गीत : पद्मा सचदेव pdf
- हिन्दी-डोगरी कहानियाँ : पद्मा सचदेव
अक्खर कुंड : पद्मा सचदेव
(Akkhar Kund)- शाहनी
- द्रौपदी
- काला मुंह
- दुविधा
- अक्षर
- टूटी हुई चूड़ी
- बरखा
- शिलुका
- शुभ मुहूर्त
- मोमबत्ती
- गांव अपना
- तीसरा मोर्चा
- बुलबुले
- सूर्योदय
- देह
- नहीं मेरी बेटी
- दर्द का दिन
- अक्षरों की उम्र
- तू था
- बुलबुले न फटना यहां
पद्मा सचदेव की कविताएँ
(Hindi Poems)- सांझ जब घिरती है
- सच्च बताना साईं
- जाल
- गूजरी
- काला मुंह
- शिलुका
- ये रास्ता
- पहला पहर
- गरमी
- इंतजार
- ये नीर कहाँ से बरसे है
बाल-कविताएँ पद्मा सचदेव
(Children's Poems)मेरी कविता मेरे गीत : पद्मा सचदेव
(Meri Kavita Mere Geet)- भादों
- सखि वे दिन कैसे थे !
- काश
- डोली
- माँ की पहचान
- गीत-भगवान् मुझे, गर्मी का मौसम दो
- ये राजा के महले क्या आपके हैं?
डोगरी कविता : पद्मा सचदेव
(Dogri Poetry)- आ मेरै घर आ चिड़ीए-गीत
- धन्न जिगरे मावें दे सहुरे भेजियां जाईआं-गीत
- मेरे सुखने च बगेआ चन्हांअ-गीत
- बाबल मिगी सद्दी भेज्यो जी-गीत
- अज्ज लाम जित्ती घर आया-गीत
- सं’झ रौंगली ते घट्ट ए दुआस मती ऐ-गीत
- ठंडू दे दिन आए-गीत
- मिट्ठड़ी ऐ डोगरे दी बोल्ली-गीत
- बद्दलें दे भित्त खुल्ली गे-गीत
- अस डोगरे आं आखने आं शानै कन्नै-गीत
