Mohanjeet Kukreja | मोहनजीत कुकरेजा

मोहनजीत कुकरेजा (‘एमके’) दिल्ली विश्वविद्यालय से एक भेषजी स्नातकोत्तर (एम. फ़ार्म.) हैं, व्यवसाय से दवा-उद्योग से सम्बंधित हैं और लेखन तथा शायरी में बेहद दिलचस्पी रखते हैं। जब ‘एमके’ की पहली कविता प्रकाशित हुयी थी, वह अभी ग्यारहवीं कक्षा में ही थे। छंदमुक्त कविता से शुरुआत करने के बाद इतने अंतराल में आज-कल उनको काव्य की सबसे जटिल शैली, ग़ज़ल लिखना पसंद है। हिंदी और उर्दू के बहुत ख़ूबसूरत मिश्रण से मोहनजीत तक़रीबन हर विषय पर कविताएँ और कहानियाँ लिखते हैं, फिर चाहे वो रूमानी हो, ज़िन्दगी का फ़लसफ़ा या सूफ़ी। अपनी ठहरी हुयी, धीर-गंभीर आवाज़ में बहुत ही प्रभावशाली तलफ़्फ़ुज़ के साथ, अपनी और दुसरे प्रतिष्ठित शायरों की चुनिंदा रचनाओं को, पढ़ कर की गयी रिकॉर्डिंग को भी अक्सर साझा करते हैं।

प्रकाशित पुस्तकें: 1. ‘अभिव्यक्ति: एक काव्य संकलन’, 2. ‘मनगढंत’ (हिंदी कहानी संग्रह), 3. ‘फ़ोर पिल्लर्स फ़ाइव स्टोरीज़’, 4. ‘विदिन एंड अराउंड’ (अंग्रेज़ी कहानी संग्रह), 5. ‘ख़यालात: चंद ग़ज़लें’।

मोहनजीत कुकरेजा - प्रसिद्ध हिन्दी कवि व लेखक

मोहनजीत कुकरेजा की रचनाएँ

हिन्दी ग़ज़लें मोहनजीत कुकरेजा

हिन्दी कविताएँ मोहनजीत कुकरेजा