Hindi Kavita

Audio Poetry Mohanjeet Kukreja

आडियो कविता मोहनजीत कुकरेजा

लोग कहते हैं इश्क़ छोड़ !
दौर-ए-आइंदा
अभी था...
फ़ितरत पे सवाल...
फ़रियाद नहीं थी...
खुला आसमान...
वाइज़ और मैं…
ज़िन्दगी में हर एक को...
वक़्त से...
तो बात बने…
अभिव्यक्ति
ख़ुद इश्क़ का फ़साना था...
एक अज्ञात प्रेयसी के नाम...
बदलाव
कोरोना को हराना है...
सफ़र का सामाँ तो है...
दोहरे मानक
साथ!
है भी और नहीं भी...
भले दिनों की बात है-अहमद फ़राज़
ताज महल-साहिर लुधियानवी
कुछ इश्क़ किया कुछ काम किया...-फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
रक़ीब से…-फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
कभी कभी मेरे दिल में…-साहिर लुधियानवी
एहतियात-कैफ़ी आज़मी
मता-ए-ग़ैर-साहिर लुधियानवी
मधुशाला-हरिवंशराय बच्चन
चकले-साहिर लुधियानवी
दोस्त मायूस ना हो-अहमद राही
मुझ से पहले-अहमद फ़राज़
बुड्ढी किताब-शिव कुमार बटालवी
की पुछदे हो हाल फ़क़ीरां दा-शिव कुमार बटालवी
मैं किस हंझू दा दीवा बाल के-शिव कुमार बटालवी