Harbhagwan Chawla | हरभगवान चावला
हरभगवान चावला (नवम्बर, 1958) प्रसिद्ध कवि एवं कहानीकार हैं। उनका जन्म गाँव बिज्जुवाली, जिला-सिरसा (हरियाणा) में हुआ। शिक्षा: एम.ए. (हिंदी), एम.फिल.। प्रकाशित कृतियाँ: पाँच कविता संग्रह—'कोई अच्छी खबर लिखना', 'कुंभ में छूटी औरतें', 'जहाँ कोई सरहद न हो', 'इन्तज़ार की उम्र', 'इसी आकाश में'; एक कहानी संग्रह 'हमकूं मिल्या जियावनहारा' व लघुकथा संग्रह 'बीसवाँ कोड़ा'। इनकी रचनाएँ सारिका, हंस, कथादेश, जनसत्ता, वागर्थ, दैनिक भास्कर आदि प्रमुख पत्र-पत्रिकाओं में निरंतर प्रकाशित होती रही हैं।
पुरस्कार / सम्मान: कहानी एवं लघुकथा के लिए 'कथादेश' द्वारा पुरस्कृत। कविता संग्रह 'कुंभ में छूटी औरतें' (2011-12) तथा 'इसी आकाश में' (2016-17) के लिए हरियाणा साहित्य अकादमी द्वारा श्रेष्ठ कृति सम्मान।
सम्प्रति: राजकीय महिला महाविद्यालय, रतिया से बतौर प्राचार्य सेवानिवृत्ति के पश्चात् स्वतंत्र लेखन।
इसी आकाश में : हरभगवान चावला
- कविता का सूरज
- कविता-एक
- कविता- दो
- जब कविता नहीं थी
- परवरिश
- ज्ञानेन्द्रियाँ
- मायाजाल
- प्रेम के देश में
- तुम्हें बनाने में
- गुलाबी उजाला
- तुम्हारी आवाज़- एक
- तुम्हारी आवाज़- दो
- भाषा
- मिलन
- कौन जानता है
- नदीः एक
- नदीः दो
- बातें
- झील
- तर्क
- स्मृतियाँ
- उड़ान
- आँख
- मुल्तान की औरतें
- प्यास
- पवित्रता
- पाप का घड़ा
- पाप
- दुनिया के सबसे अच्छे लोग
- दिमाग़
- निज़ाम
- राहत शिविर
- गाँव से लौटते हुए
