Anil Kumar Mishra
अनिल कुमार मिश्र

अनिल कुमार मिश्र मूलरूप से पटना के रहने वाले हैं लेकिन अभी लुधियाना में कार्यरत हैं। इन्होंने एम. ए. (अर्थशास्त्र) एवं मेटेरियल्स मैनेजमेंट में डिप्लोमा कोर्स किया है। इनकी हिन्दी-काव्य की दो पुस्तकें 'प्रहरी' एवं 'राही चल' प्रकाशित हो चुकी हैं।

प्रहरी अनिल कुमार मिश्र

  • प्रार्थना
  • वीरों का दिल से अभिनन्दन
  • वीरों ने ली जब अंगड़ाई
  • शूरों के तन का है सिंगार
  • दूर कहीं घर से जाकर
  • मुझको सैनिक ही बनना है
  • जख्मी जब वीर हुआ रण में
  • सैनिक का अंत समय आया
  • जाते-जाते कह गये वीर
  • भारत की सेना है विशाल
  • उरग
  • पुकार
  • प्रहार
  • पाकिस्तान
  • नगरोटा के शहीद
  • आतंक
  • विस्फोट
  • मन
  • डर
  • हम मुस्कराये हैं
  • नशा
  • बेटी बचाओ
  • सम्मान
  • पतन
  • अकेला
  • अजनबी
  • विनती
  • दर्द
  • बादल
  • विरह के गीत
  • नदी की पीड़ा
  • बेरोजगारी की जलन
  • बेरोजगारी नाम है
  • जिन्दगी
  • जिन्दगी और मैं
  • जिन्दगी से आज मेरी जंग है
  • जिन्दगी तू साथ चल
  • पल-दो-पल
  • बूँद-बूँद जल गिरता घट- से
  • जिन्दगी
  • काँटों का दर्द
  • काँटों के संग
  • पुष्प की पीड़ा
  • पेड़ों की व्यथा
  • वेलेंटाइन डे
  • वर्षों से यह रास्ता वीरान क्यों है?
  • नव वर्ष की मंगल कामना
  • चाहत
  • परिचय
  • एकता
  • अब किसकी तलाश है?
  • माँ
  • विचलित नर को गीता का संदेश कहेगा
  • गीता-ज्ञान
  • संघर्ष
  • तकदीर
  • आँसू
  • दिल मिला के आज हम कटुता मिटायें
  • अहंकार
  • गांव