प्रहरी : अनिल मिश्र 'प्रहरी'
Prahari : Anil Mishra Prahari
- प्रार्थना
- वीरों का दिल से अभिनन्दन
- वीरों ने ली जब अंगड़ाई
- शूरों के तन का है सिंगार
- दूर कहीं घर से जाकर
- मुझको सैनिक ही बनना है
- जख्मी जब वीर हुआ रण में
- सैनिक का अंत समय आया
- जाते-जाते कह गये वीर
- भारत की सेना है विशाल
- उरग
- पुकार
- प्रहार
- पाकिस्तान
- नगरोटा के शहीद
- आतंक
- विस्फोट
- मन
- डर
- हम मुस्कराये हैं
- नशा
- बेटी बचाओ
- सम्मान
- पतन
- अकेला
- अजनबी
- विनती
- दर्द
- बादल
- विरह के गीत
- नदी की पीड़ा
- बेरोजगारी की जलन
- बेरोजगारी नाम है
- जिन्दगी
- जिन्दगी और मैं
- जिन्दगी से आज मेरी जंग है
- जिन्दगी तू साथ चल
- पल-दो-पल
- बूँद-बूँद जल गिरता घट- से
- जिन्दगी
- काँटों का दर्द
- काँटों के संग
- पुष्प की पीड़ा
- पेड़ों की व्यथा
- वेलेंटाइन डे
- वर्षों से यह रास्ता वीरान क्यों है?
- नव वर्ष की मंगल कामना
- चाहत
- परिचय
- एकता
- अब किसकी तलाश है?
- माँ
- विचलित नर को गीता का संदेश कहेगा
- गीता-ज्ञान
- संघर्ष
- तकदीर
- आँसू
- दिल मिला के आज हम कटुता मिटायें
- अहंकार
- गांव
राही चल : अनिल मिश्र 'प्रहरी'
Rahi Chal : Anil Mishra Prahari
- जीवन की कटुता को पल में हरने वाले राम
- राही तू चल
- अब तो मेघ करो बौछार
- आशाओं के दीप जलाना
- दीप बुझा मत तम गहरा है
- हिम्मत वालों की हार नहीं
- दीन-हीन की बस्ती से चल पीर चुराने
- फूल हो या शूल तुझको चूमना है
- चलो भगायें दूर अँधेरा
- यह सागर कितना प्यासा है!
- क्या रोना बीती बातों पर
- मानना कभी न हार
- रवि किरणों को पुनः बिखेरा
- पाया, जिसने जो है बोया
- तुझे मुस्कराना होगा
- अब तो जीने भी दे यार
- चिंता में मत तू जल जाना
- मंजिल तेरी राही तू चल
- सोच में ही आदमी की जीत है
- हार सहज स्वीकार नहीं है
- पहुँचे बहुत दूर हम चलके
- जाग-जाग री सुप्त भाग्य की रेखा
- सपना तेरा टूटा कोई बात नहीं
- सपने क्या होते आँखों से आँसू बन बह जाने को?
- सपना तेरा कभी न टूटे
- वक्त सुन कुछ बोलता है
- परिवर्तन से न घबराना
- भाग्य आज तू कुछ तो बोल
- सीख लिया है मैंने जीना
- अतृप्त - तृष्णा
- संग हमारे चलने का तू वादा कर
- हौसला
- बच- बचके चल मेरे यार
- कैसे - कैसे शौक पाले हैं
- जीवन -जाम
- नहीं माँगता दाता कभी अमरता
- कहीं दूर लेकर चल यारा
- मुझको लेकर दूर वहीं चल
- जा रहा हूँ अनवरत किस ओर मैं?
- संग हैं चले
- यौवन मदिरा का प्याला
- आओ तुझको कोई गीत सुनाऊँ
- मंजिल तुझे बुलाये राही
- अब क्या होगा बार- बार पछताने से?
- मुश्किल है छुपाना गुनाहों को
- मौत बस एक छाँव है
- मौत चलती संग मेरे
- देख, पथ पर काल आता
- आज तुम हो दूर कितने
- अन्तिम-यात्रा
- सूरज आग लगा बरसाने
- वृद्ध- जनों का कौन सहारा?
- बेरोजगार
- दहेज लूटता रहा
- मदमस्त पवन
- जाग-जाग री
- सहनशीलता
- कई- रंग
- पर्यावरण
- नन्हीं - सी प्यारी गौरैया
- कृषक क्षुधित रह जाता
- जीवन
- भूख
- रक्षाबंधन
- माँ
- पिता
- दर्द
- परिचय
वन्दे भारत : अनिल मिश्र 'प्रहरी'
Vande Bharat : Anil Mishra Prahari
- वतन की वन्दना करो
- जन्मभूमि की सुनो पुकार है
- यौवन यूँ न बह जाए
- देश आज पूछता सवाल है
- तेरे गौरव का गान करूँ
- हमें अखण्ड - देश पर गुमान है
- शोलों का त्योहार चाहिए
- स्वच्छता अभियान है
- कर वतन से प्यार
- गर्व - से लेकर तिरंगा चल
- भारती! गाऊँ सुयश के गान
- स्वर्ण-चिरैया भारतवर्ष
- पपीहा धीरे-धीरे बोल
- धूल ही चंदन है
- जननी! कैसे सम्मुख आऊँ?
- सर झुकाऊँ आ तुम्हारे द्वार जननी
- कई खण्ड पर एक देश का नारा है
- भारत विश्व-पटल पर छाये
- भारती! कैसा दूँ उपहार?
- मुग्ध है संसार
- देश हो खुशहाल
- बनके शलभ प्रिय जल जाऊँ
- प्राणों में मृदुरस आज घोल
- माँ! कोटि-कोटि सर तेरे हैं
- तेरी ममता अपरम्पार
- कौन छुपके तारकों में गीत गाता!
- परम प्रतापी देश
- माँ कब आएँगे अपने दिन?
- हैवानियत की हार
- जागो
- है तरुण-देश भारत - विशाल
- कश्मीर
- हाँ! मातृभूमि से प्यार मुझे
- भारत - माता की जय बोल
- चाहत
- मिटे जड़ों से भ्रष्टाचार
- तुझ पर जीवन निस्सार करूँ
- बलिदान का संदेश
- तेरे चरणों की धूल बनूँ
- आओ बैठो, स्वप्न नये कुछ बुनते हैं
- वीर सैनिक
- प्रहरी
- देश से है प्यार तो फिर
- खोल दे अपनी तिजोरी
- हिन्दी बोले हिन्दुस्तान
- आह्वान
- हमें खून का कतरा-कतरा देना है
- यह हवा रुकके कहे कुछ सुन
- तू चंदन मैं धूल
- भारती तेरे लिए नित प्यार आये
- नफरत की आग
