ख़्वाजा ग़ुलाम फ़रीद (Khwaja Ghulam Farid)

ख़्वाजा ग़ुलाम फ़रीद का जन्म १८४५ ई० और देहांत १९०१ ई० में चाचड़ां शरीफ़ में हुआ। उन्हें कोट मिठन में दफनाया गया। जब वे पाँच वर्ष के थे तब उनकी माता जी और बारह वर्ष की आयु में उनके पिता ख़्वाजा ख़ुदा बख़्श जी का देहांत हो गया।

उनका पालन-पोषण एवं शिक्षा-दीक्षा उनके बड़े भाई फ़ख़र जहां उहदी जी ने की। वे अरबी, फ़ारसी, उर्दू, सिंधी, पंजाबी और ब्रज भाषा के महान विद्वान थे। पंजाबी में उन्होंने १८८२ ई० में 'दीवान-ए-फ़रीद' की रचना की। सूफी कवियों की समस्त विशेषताएँ एवं सौंदर्य उनकी रचनाओं में परिलक्षित होता है।

सूफी कवि ख़्वाजा ग़ुलाम फ़रीद का चित्र

ख़्वाजा ग़ुलाम फ़रीद की प्रमुख रचनाएँ

काफ़ियां ख़्वाजा ग़ुलाम फ़रीद