Sohan Lal Dwivedi / सोहन लाल द्विवेदी
सोहन लाल द्विवेदी (22 फरवरी 1906 - 1 मार्च 1988) हिन्दी के प्रसिद्ध एवं लोकप्रिय कवि थे। ऊर्जा और राष्ट्रीय चेतना से ओत-प्रोत रचनाओं के कारण उन्हें 'राष्ट्रकवि' की उपाधि से अलंकृत किया गया। महात्मा गांधी के दर्शन से अत्यधिक प्रभावित द्विवेदी जी ने बाल साहित्य में भी अतुलनीय योगदान दिया।
सन 1969 में भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री उपाधि से सम्मानित किया था।
प्रमुख रचनाएँ: भैरवी, पूजागीत, सेवाग्राम, प्रभाती, युगाधार, कुणाल, चेतना, बाँसुरी, गान्ध्ययन तथा बच्चों के लिए सुप्रसिद्ध बाल-कविता संग्रह 'दूधबतासा'।
सोहन लाल द्विवेदी की रचनाएँ
बाल कविताएँ
Baal Kavitayen : Sohan Lal Dwivedi
भैरवी
Bhairavi : Sohan Lal Dwivedi
बाँसुरी
Bansuri : Sohan Lal Dwivedi
- ध्वजा-गीत
- प्रकृति-संदेश
- यह भारतवर्ष हमारा है!
- हिमालय
- ओस
- फूल हमेशा मुसकाता
- यह है बसन्त का पहला दिन
- बसन्ती पवन
- बादल
- अगर कहीं बादल बन जाता ?
- उग रही घास
- मोर
- शरद्ऋतु
- दीवाली
- अगर कहीं मैं पैसा होता?
- पहाड़ की चोटी से
- रेल की खिड़की से
- क़लम की आत्मकहानी
- कौन कहाँ ख़ुश रहता है ?
- समुद्रतट
- सपने में
- तुम क्या करते, हम क्या करते ?
- प्रयाण-गीत
- प्रार्थना
प्रभाती
Prabhati : Sohan Lal Dwivedi
गान्ध्ययन
Gaandhyayan : Sohan Lal Dwivedi
युगाधार
Yugadhar : Sohan Lal Dwivedi
हिन्दी कविताएँ
Hindi Poetry : Sohan Lal Dwivedi
