Gyani Ram Shastri (ज्ञानी राम शास्त्री)
ज्ञानी राम शास्त्री (1923) का जन्म जींद जिले के गांव अलेवा में हुआ। इन्होंने भिवानी और अमृतसर से प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की तथा ओरियंटल कॉलेज, लाहौर से शास्त्री की परीक्षा उत्तीर्ण की। 1949 में इन्होंने लुधियाना में जयहिंद कॉलेज की स्थापना की और लगभग चालीस वर्षों तक अध्यापन कार्य किया।
इनकी प्रमुख प्रकाशित हरियाणवी रचनाओं में 'पाकिस्तान की पोल', 'नया जमाना', 'बखत के बोल', 'ज्ञान के हीरे मोती', 'वक्त की आवाज', 'किसान और मजदूर' तथा 'आजादी का राज' शामिल हैं।
जीवन परिचय व संग्रह (Biography & Collection)
हरियाणवी कविता व रागनियाँ (Haryanvi Poetry List)
- इस भारत म्हं दुनिया तै एक ढंग देख लिया न्यारा
- उथल पुथल मचगी दुनियां म्हं
- कात्तक बदी अमावस आई, दिन था खास दिवाली का
- खड़ी लुगाइयां के मांह सुथरी श्यान की बहू
- गऊ कहाया करते थे भारत के लोग लुगाई
- दुनिया म्हं महंगा होग्या सब जिंदगी का सामान
- मात पिता के मरें बाद आंसू टपकाकै के होगा
- वेद शास्त्र ढूंढ लिए ओम बराबर ना कोन्या
- सब दुनिया मतलब की होगी धोखा बसग्या नस नस मैं
- भारत की माटी
- घर की तबाही के कारण
- कलिहारी मूढ़ लुगाई
- गुणवन्ती शील लुगाई
- एम. एल. ए. की सीट
- फौजी की बिदाई
- ईश्वर-बन्दना
- लकड़ी की करामात
