Sachchidananda Hirananda Vatsyayan Agyeya
सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन "अज्ञेय"

सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन "अज्ञेय" (7 मार्च, 1911 - 4 अप्रैल, 1987) हिन्दी साहित्य के एक युगप्रवर्तक कवि, कथाकार, ललित-निबन्धकार, सम्पादक और सफल अध्यापक थे। उनका जन्म उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के कुशीनगर में हुआ था। अज्ञेय आधुनिक हिन्दी साहित्य में प्रयोगवाद और नई कविता आंदोलन के प्रमुख प्रवर्तकों में माने जाते हैं। उन्होंने हिन्दी कविता को नई संवेदनशीलता, आधुनिक दृष्टि और अभिव्यक्ति के नवीन आयाम प्रदान किए। वे 'तार सप्तक' के संपादक रहे और अनेक युवा कवियों को हिन्दी साहित्य में प्रतिष्ठित करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनकी रचनाओं में प्रकृति, व्यक्ति की स्वतंत्रता, आत्मानुभूति और आधुनिक जीवन की जटिलताओं का गहन चित्रण मिलता है।

उन्होंने साहित्य अकादमी और भारतीय ज्ञानपीठ जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कार प्राप्त किए। उनकी काव्य कृतियों में भग्नदूत, चिन्ता, हरी घास पर क्षण भर, कितनी नावों में कितनी बार आदि प्रमुख हैं।

सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन अज्ञेय

कितनी नावों में कितनी बार

आँगन के पार द्वार -सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन अज्ञेय