Malik Muhammad Jayasi | मलिक मुहम्मद जायसी

मलिक मुहम्मद जायसी हिन्दी साहित्य के भक्ति काल की निर्गुण प्रेमाश्रयी धारा के प्रमुख कवि हैं। वे अत्यंत उच्चकोटि के सरल और उदार सूफ़ी महात्मा थे। उनका जन्म सन 1500 के आसपास माना जाता है। वे उत्तर प्रदेश के जायस नामक स्थान के रहने वाले थे, जिस कारण उनके नाम के साथ 'जायसी' उपनाम का प्रयोग किया जाता है।

उनके पिता का नाम मलिक राजे अशरफ़ बताया जाता है, जो साधारण ज़मींदार थे। सैयद अशरफ़ उनके गुरु थे और अमेठी नरेश उनके संरक्षक थे। जायसी की 21 रचनाओं का उल्लेख मिलता है, जिनमें पद्मावत, अखरावट, आख़िरी कलाम, कहरनामा और चित्ररेखा प्रमुख हैं। उनकी ख्याति का मुख्य आधार महाकाव्य पद्मावत है, जिसकी रचना अवधी भाषा में दोहा-चौपाई शैली पर हुई है।

मलिक मुहम्मद जायसी

मलिक मुहम्मद जायसी की प्रमुख रचनाएँ

Hindi Poetry Malik Muhammad Jayasi