चन्द्रसखी | Chandrasakhi

चन्द्रसखी मध्यकालीन कृष्णभक्ति धारा की अत्यंत लोकप्रिय ब्रजभाषा कवयित्री रही हैं। उनके पदों में श्रीकृष्ण की बाल-लीलाओं और विशेष रूप से ब्रज की प्रसिद्ध होली (होरी) का अति सुंदर व सरस वर्णन मिलता है। 'आज बिरज में होरी रे रसिया' जैसी उनकी अमर रचनाएँ आज भी लोक-संस्कृति का अहम हिस्सा हैं।

चन्द्रसखी की रचनाएँ