आत्मिका महादेवी वर्मा
Aatmika Mahadevi Verma
'आत्मिका' में अन्य काव्य संग्रहों से ली गई रचनायें हैं
- अपनी बात
- पंथ होने दो अपरिचित
- मैं और तू-तुम हो विधु के बिम्ब
- अश्रु-नीर
- विरह का जलजात जीवन
- नयन आते भर-भर
- कौन तुम मेरे हृदय में
- मेरे हँसते अधर नहीं जग की आँसू-लड़ियाँ देखो
- मधुवेला है आज
- मिलन यामिनी-आ मेरी चिर मिलन-यामिनी
- कैसे सँदेश प्रिय पहुँचाती
- मैं पथ भूली-प्रिय सुधि भूले री
- टूट गया वह दर्पण निर्मम
- प्राणपिक
- इस पथ से आना
- पूजन-अर्चन!
- जाग बेसुध जाग
- सान्ध्य गगन
- शून्य मन्दिर में
- मैं नीर भरी
- झिलमिलाती रात
- चिर सजग आँखे
- आज पिंजर खोल दो
- अब वरदान कैसा
- क्यों मुझे प्रिय
- मेरे गीले नयन
- विसर्जन
- आना
- अधिकार
- अभिमान
- दुविधा
- मेरा पता
- मेरा जीवन
- मृत्यु से
- दुःख
- ? (शून्यता में निद्रा की बन)
- अतृप्ति
- सुधि
- आज तार मिला
- तरल मोती से
- तू धूल-भरा ही
- अलि कहाँ सन्देश
- कोई यह आँसू
- प्राणों ने कहा कब
- पहचान
- पूछो न प्रात की बात
- सब आँखों के आँसू
- घिरती रहे रात
- टकरायेगा नहीं
- पद-चिह्न
