Taslima Nasreen / तसलीमा नसरीन

तसलीमा नसरीन (जन्म: 5 सितंबर 1960) बांग्ला लेखिका एवं भूतपूर्व चिकित्सक हैं जो 1994 से बांग्लादेश से निर्वासित जीवन व्यतीत कर रही हैं। 1970 के दशक में एक कवि के रूप में उभरीं तसलीमा 1990 के दशक के आरम्भ में वैश्विक स्तर पर प्रसिद्ध हुईं। वे अपने निर्भीक नारीवादी विचारों, लेखों, उपन्यासों और मानवीय अधिकारों की वकालत के लिए जानी जाती हैं।

प्रमुख कृतियाँ:
उपन्यास: लज्जा, अपरपक्ष (ओपोरपोक्ख), निमंत्रण (निमोन्त्रोन), फेरा, बेशरम।
आत्मकथा: मेरे बचपन के दिन (आमार मेयेबेला), उत्ताल हवा, द्विखंडित, वे अंधेरे दिन, मुझे घर ले चलो, नहीं, कहीं कुछ भी नहीं, निर्वासन।
कविता संग्रह: निर्बासितो बाहिरे ओन्तोरे, निर्बासितो नारीर कोबिता, खाली खाली लागे, बन्दिनी।
निबन्ध संग्रह: नष्ट लड़की नष्ट गद्य, छोटे-छोटे दुःख, औरत का कोई देश नहीं।

प्रमुख सम्मान एवं पुरस्कार:
आनन्द साहित्य पुरस्कार (1992, 2000), यूरोपियन पार्लियामेंट का सखारोव पुरस्कार (1994), फ्रांस सरकार का मानवाधिकार पुरस्कार (1994), स्वीडिश पेन का कुर्त टुकोलस्की पुरस्कार (1994), 'Emperor Has No Clothes Award' (2015) आदि।

तसलीमा नसरीन - बांग्ला लेखिका एवं कवयित्री

बांग्ला कविताएँ हिंदी में : तसलीमा नसरीन (Bangla Poetry in Hindi)