Taha Muhammad Ali / ताहा मुहम्मद अली

ताहा मुहम्मद अली (1931 सफ़ुरिया, गलील – 2 अक्टूबर 2011 नाज़रेथ) प्रसिद्ध फ़िलिस्तीनी कवि थे। 1948 के अरब-इजरायल युद्ध के दौरान अपने गाँव पर भारी बमबारी होने के बाद 17 वर्ष की उम्र में वे अपने परिवार के साथ लेबनान पलायन कर गए थे। अगले ही वर्ष वे नाज़ारेथ लौट आये, जहाँ वे जीवन पर्यंत रहे।

1950 और 1960 के दशक में वे दिन में 'चर्च ऑफ़ द अन्ननशियन' (Church of the Annunciation) के पास अपनी स्मारिका दुकान (souvenir shop) पर स्मृति चिह्न बेचते थे और रात में कविता का अध्ययन करते थे। उनकी औपचारिक शिक्षा चौथी कक्षा तक ही हुई थी। उन्होंने अपने गाँव सफ़ुरिया की यादों, विस्थापन और राजनीतिक उथल-पुथल के अनुभवों पर बेबाकी से लिखा।

ताहा मुहम्मद अली - फ़िलिस्तीनी कवि

फ़िलिस्तीनी कविताएँ हिंदी में : ताहा मुहम्मद अली (अनुवादक : यादवेन्द्र)

फ़िलिस्तीनी कविताएँ हिंदी में : ताहा मुहम्मद अली (अनुवादक : राजेश कुमार झा)