अब्दुर रहमान राही | Abdur Rehman Rahi

अब्दुर रहमान राही (जन्म: 6 मई 1925, श्रीनगर) कश्मीरी कवि, अनुवादक और आलोचक हैं। उन्हें उनके कविता संग्रह नवाज़-ए-सबा के लिए 1961 में भारतीय साहित्य अकादमी पुरस्कार, 2000 में पद्म श्री और भारत का सर्वोच्च साहित्यिक पुरस्कार, ज्ञानपीठ पुरस्कार (वर्ष 2004 के लिए 2007 में दिया गया) प्रदान किया गया। वह पहले कश्मीरी लेखक हैं जिन्हें ज्ञानपीठ से सम्मानित किया गया।

प्रमुख कृतियाँ: नवरोज़े सबा, सनवन्य साज़ सुबहुक सोंदा, कलामेराही, सियाह रूद् जर्पन मंज़ (कविता); कहवॅट, शारशिनॉसी, बज़नुक सूरते हाल (आलोचना); बाबा फरीद, फरमोव ज़रथुस्थन, सबा-ए-मुलाकात, फाउस्टस (अनुवाद); संगलाब, ऑज़िच कॉशिर शॉयरी, कॉशिर शार सोंबरन (संपादित); त्रिभाषा कोश, उर्दू-कश्मीरी फरहंग (सह संपादित शब्दकोश)।

अब्दुर रहमान राही - कश्मीरी कवि

कश्मीरी कविता हिन्दी में : रहमान राही (Kashmiri Poetry in Hindi)