Ramphal Chahal (रामफल चहल)
रामफल चहल का जन्म भिवानी जनपद के नीमड़ी गाँव में सन् 1956 को हुआ था। इन्हें हरियाणा के लोकजीवन का सूक्ष्म ज्ञान है और वे इसके हर पहलू से भली-भांति परिचित हैं। रंगमंच में इनकी विशेष रुचि रही है और इसी लगाव के कारण इन्होंने हरियाणवी फिल्मों में नायक का अभिनय भी किया।
वे आकाशवाणी कुरुक्षेत्र में भी कार्यरत रहे। इनकी प्रमुख रचनाओं में 'स्वतंत्रता सेनानी एवं कवि फौजी मेहर सिंह', 'बाजे भगत: व्यक्तित्व और कृतित्व', 'रामकिशन व्यास: व्यक्तित्व एवं कृतित्व', 'विघ्न की जड़', और 'साझा सीर' प्रमुख हैं।
पिलपोट्टण : रामफल चहल
- अपनी बात
- चिरायु-चिर युवा अश्वत्थामा जै जिन्दा सै
- सब्र कर लिया
- वरदान बने अभिशाप
- गांधारी की पट्टी
- हरियाणवी कुण्डलियां
- जहर का प्याला
- फागण आग्या
- कृषि व संस्कृति
- आया सै बसंत
- गर्भस्थ कन्या की पुकार
- हरियाणवी बारा-कड़ी
- अचूक निशाना
- ऋृतु राज बसंत
- कित टोहूं
- कव्वाली
- दर्पण कुछ ना बौल्लै
- आदमी नाम ना धरियो
- गाम सांझला कुआ
- बिरह नामा (बारा मासा)
- लोहा अर सोना
- याद
- शहर में बसकै, के खोया के पाया
- छाकटा यार
- कोन्या बणूं लीडर
- माणस की खोड़
- बाप का वरदान
- इडली डोसा खावांगे
- प्यारा तिरंगा
- बरसात
- पिलपोट्टण
