Pranshu Verma | प्रांशु वर्मा
प्रांशु वर्मा का जन्म उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के खदनी गांव में हुआ। उन्होंने वाणिज्य और कंप्यूटर विज्ञान में स्नातक शिक्षा प्राप्त की तथा परास्नातक डिप्लोमा (पीजीडीसीए) पूरा किया। वर्तमान में वे लेखन और आईटी शोध के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
साहित्य के प्रति रुचि के चलते, वे लंबे समय से कविता और कहानियों का सृजन कर रहे हैं। उनकी रचनाएँ विभिन्न ऑनलाइन और साहित्यिक मंचों पर प्रकाशित होती रही हैं। लेखन में वे सरल भाषा और गहन विचारों के माध्यम से जीवन के अनुभवों और सामाजिक पहलुओं को व्यक्त करने का प्रयास करते हैं।
हिन्दी कविताएँ : प्रांशु वर्मा
(Hindi Poetry : Pranshu Verma)- 1. मंदा, मेरी आत्मा की साथी
- 2. बचपन की खोई धुन
- 3. क्रंदन अंतिम क्षण में
- 4. क्या हम सच में श्रेष्ठ हैं
- 5. गंगा विलाप
- 6. प्रेम की अन्नत यात्रा
- 7. एक अधूरा साया
- 8. अग्निपथ की प्रार्थना
- 9. लिखता हूं प्रेम
- 10. तकदीर की ताली
- 11. अश्रु अग्नि
- 12. प्रेम की गांठ
- 13. सत्य की खोज
- 14. अधूरी दीवारें
- 15. कुछ हाइकु
- 16. छाया की मुस्कान
- 17. मौन की आवाज
- 18. बोलती चुप्पी
- 19. इस माटी का स्वर्ग
