Praful Singh "Bechain Kalam" | प्रफुल्ल सिंह "बेचैन कलम"
प्रफुल्ल सिंह का उपनाम "बेचैन कलम" (25 मई 1992 - ) है। उनका जन्म माता सुषमा सिंह और पिता उग्रसेन सिंह के घर हुआ। वह विभूति खण्ड, गोमती नगर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। उनकी शिक्षा लखनऊ विश्वविद्यालय से एम.ए. (हिंदी साहित्य) में हुई है। वह एक शोधार्थी, लेखक, स्तंभकार एवं साहित्यकार हैं। उनकी प्रकाशित रचनाओं में "बेचैन कलम" (काव्य संग्रह) और "बेचैन ख्यालात" (आलेख संग्रह) प्रमुख हैं।
प्रफुल्ल सिंह "बेचैन कलम" की कविताएँ
- 1. सृष्टि का सृजन
- 2. कविता का जन्म
- 3. मेरा गम बोलता है
- 4. अप्सरा
- 5. प्रकृति
- 6. इंतज़ार
- 7. तुम और मैं
- 8. जीवन रण
- 9. आध्यात्म हुआ आरंभ
- 10. कल और आज
- 11. माँ के हाथ का हलवा
- 12. आँसुओं को गिरने दिया जाए
- 13. एक रिश्ते की मौत
- 14. तुम्हारे चक्रव्यूह में
- 15. मेरी नींद को आग लग गई
- 16. एक सिक्के की आस में
- 17. मुग्ध हो मेरी कविता पर
- 18. बचपन की बात
- 19. श्मशान अंत नहीं जीवन की शुरुआत है
- 20. वो सार है मेरी मगर शीर्षक हो नहीं सकते
- 21. आप सबके लिए आपके लिए कोई नहीं
- 22. अब कुछ नहीं चाहिए
- 23. अब दर्द नहीं होता
- 24. सात जन्मों का रिश्ता
- 25. ज़ख़्म
- 26. सभी को तलाश है
- 27. रच दें प्रेम कविता
- 28. मैं अक्सर
- 29. नया रिश्ता
- 30. अद्भुत मंजर
- 31. प्रेम सर्वोच्च है
- 32. जब तुम्हें मोहब्बत होगी
- 33. मैं दीप हूँ
- 34. तुम सब कुछ पढ़ लेना
- 35. स्वयं बुद्ध हो जाना
- 36. प्रकृति ही सृजन
- 37. हासिल भी अप्राप्त सा लगता
- 38. ज़िंदा हो लेकिन लाश में हो
- 39. क्यों माँगते हो
- 40. आसान नहीं लक्ष्मण की उर्मिला होना
- 41. सात्विक प्रेम
- 42. चीखो दोस्त
- 43. खुशबू बनके
- 44. हमेशा सोचता हूँ
- 45. भीतर ही भीतर
- 46. तुम वो चांद हो
- 47. चेहरे पर उतरता वसंत
- 48. 24 कैरेट सोने सा प्रेम
- 49. ईश्वर को भी पूजो
- 50. तुम और मैं एक जैसी ही तो हैं
- 51. कभी सोचा है
- 52. जब तुम कहते हो
- 53. मेरा शेष जीवन
- 54. कुछ ख़त
- 55. मैं जी रहा हूँ तेरे बिन
- 56. तुम पत्रकार हो
- 57. स्त्रियाँ
- 58. कवि हृदय
- 59. यशोधरा की जागृत निंद्रा
- 60. कवि का कविता से दूर होना
- 61. पीपल की प्रतीक्षा
- 62. तुम तक आने के लिए
- 63. आँसू हूँ
- 64. अहसास है कविता
- 65. एक धन से गरीब एक मन से गरीब
- 66. मध्यमवर्गीय
- 67. प्रेम का स्वाद
- 68. किसान
- 69. इंतज़ार
- 70. वसंत और बारिश
- 71. तपस्वी
- 72. सुकून
- 73. नानक पाठ
- 74. असमर्थ हो तुम
- 75. कवि की वेदना
- 76. एक पक्षीय प्रेम
- 77. सारा जहान देखना
- 78. श्रापित अप्सरा
- 79. असहनीय
- 80. एकांतता का बीज
- 81. मैं कौन हूँ
- 82. उस रात मेरे आँसू
- 83. हे प्रिये तुम अप्सरा के समान हो
- 84. सत्यमेव जयते
- 85. झोपड़ी महल को देती चुनौती
- 86. प्रकृति की अद्भुत यात्रा
- 87. सृष्टि के संचालक
- 88. मानव पहले तुम इंसान बनो
- 89. अभिलाषा
- 90. वृद्धाश्रम
- 91. वेदना चंद्रमा की
- 92. शब्द सृजन
- 93. पितृ दिवस
- 94. प्रिय तुम मेरे लिए न रोना
