हिंदी कविताएँ : अरविंद गर्ग

Hindi Poetry : Arvind Garg


हमारा प्यार

हमें नहीं आता करना, प्यार करने का सिर्फ दिखावा और न ही सिर्फ एक दिन प्यार का त्योहार मनाना हमारे घरों में तो अलग ही होती है प्यार की परिभाषा हमारे लिए तो प्यार है एक अहसास ना कि 'आइ लव यू' जैसी कोई भाषा हमें प्यार करना आता है, न कि दिखाना हमारे पास हैं प्यार करने के बहुत से तरीके और साधन रात को माँ पढ़ते हुए चुपके से कमरे में आकर देती गरम कॉफी बिना कुछ कहे सिर पर जब हाथ फेरती उसमें होती है माँ के प्यार की गर्मजोशी हर सिप दिलाता है प्यार का अहसास हमारे दुखों के साथ-साथ खुशी में भी आंखें भर आना हमें प्यार करना आता है, न कि दिखाना पापा का तो अलग ही तरीका है करने का लाड-प्यार पापा होते है नारियल जैसे अंदर से बहुत सॉफ्ट और बाहर कठोर हेलमेट क्यों नहीं लगाया , गाड़ी तेज क्यों चलाई ऑफिस में कुछ क्यों नहीं खाया पर फिर रात को चुपके से आकर कम्बल ढकना, एसी कम या तेज कर देना हमें प्यार करना आता है, न कि दिखाना घर में लूडो, साँप सीढ़ी या तंबोला खेलते समय धोखेबाज़ धोखेबाज़ कहकर चिल्लाना और ‘मैं नहीं खेलता’ कहकर एक तरफ़ हो जाना क्या अद्भुत तरीका है करने का प्यार का इज़हार तब माता- पिता का जान बूझकर हार जाना उनकी उस समय की मुस्कान से प्यार का आभास दिलाना हमें प्यार करना आता है, न कि दिखाना वह नमक मिर्च और राई से नजर उतारना जरूरी काम से बाहर जाने पर दही-चीनी खिलाना जेब में चुपके से खाने और परिवहनके लिए छुट्टे रुपये-पैसे डाल देना, खाना खिलाते समय गिनती भूल जाना हमारे यहाँ डब्बों में बंद करके दिया जाता है प्यार हॉस्टल जाते समय घी ,लड्डू, अचार,कचरी बना कर देना हमें प्यार करना आता है, न कि दिखाना घर से निकलते समय बहुत सारे निर्देश दे देना गाड़ी धीरे और ध्यान से चलाना, पहुँच कर संदेश कर देना जब तक संदेश न आ जाए बेचैन रहना और निरंतर घड़ी देखना किसी काम में मन न लगना बीमार होने पर तबियत कैसी है मेडिकल बुलेटिन लेना हमें प्यार करना आता है, न कि दिखाना हमारे यहाँ फिर शुरू होता है बच्चों की तरफ से उल्टा प्यार करना माँ! सुबह जल्दी नहीं उठना, कंप्यूटर, फोन का काम कर देना पापा - मम्मी के चश्मे ढूँढना, दवाई न लेने पर गुस्सा करना एक दिन भी फोन पर बात न होने पर एक-दूजे को उलाहनादेना हमें प्यार करना आता है, न कि दिखाना

हनुमान जी की सीख

हे विद्वान, बुद्धिमान, बलवान! मेरे प्रभु हनुमान अद्भुत अमूल्य है आपका योगदान, सदा रहता है आपका ही ध्यान सिखा दिया कि किसी भी रूप में कर सकते हैं समाज सेवा जरूरी नहीं है इसके लिए होना इंसान आपके जीवन चरित्र से मिलती है बहुत सीख और ज्ञान चुना ब्रह्म-शक्ति के बजाय भक्ति और समर्पण यह भय या पुरस्कार की इच्छा से नहीं, दिव्य उद्देश्य से हुई उत्पन्न अपनी शक्ति, बुद्धि और क्षमता बनाए प्रभु सेवा के साधन साहसपूर्वक और हिचकिचाहट बिना, दिखाई काम करने की क्षमता भरी पड़ी है उद्देश्य प्राप्ति की भावना सिखाया,अहंकार और दिखावे का करें पूर्ण विनाश आपके जीवन चरित्र से मिलती है बहुत सीख और ज्ञान शक्ति का न करें अपव्यय और आवश्यक होने पर ही करें उपयोग शक्ति का नहीं किया दिखावा, चुपचाप करते रहे संघर्ष कभी नहीं जताई प्रशंसा की इच्छा, न श्रेय प्राप्त करने का दावा कार्य पर ही केंद्रित रखते ध्यान आप हैं शक्ति के साथ विनम्रता और सहनशीलता के उदाहरण नियंत्रित था,अंधाधुंध नहीं था,जो भी किया विनाश आपके जीवन चरित्र से मिलती है बहुत सीख और ज्ञान सेवा करना जारी रखते हैं चाहे मिले असफलता,प्रशंसा या आलोचना कभी भी कार्य में नहीं करते विलंब, धर्म की सेवा को किया समर्पण जो काम भी मिला,किया अथक उत्साह के साथ स्वार्थ से नहीं करते कार्य,नहीं किया दिखावा,न अभिमान रखी अपने आराध्या के प्रति असीम भक्ति और सम्मान न की कभी फल की इच्छा,करते रहे काम,मानकर फल देगा भगवान आपके जीवन चरित्र से मिलती है बहुत सीख और ज्ञान आप हो सामान्य व्यक्ति के रखवाले और भगवान क्रोध दुष्टों के लिए सुरक्षित और निर्दोषों के लिए हो कष्ट निदान विनाश का नहीं मनाते उत्सव आपका कार्य उद्देश्यपूर्ण, नहीं अव्यवस्थित बुद्धिमानी, फुर्ती और भयंकर शक्ति की एक मिसाल बस कर्तव्य की ओर बढ़ जाते ,धर्म के प्रति अडिग प्रतिबद्धता के साथ यह ही एक उद्देश्य, राम काज कीन्हे बिना मुझे कहाँ विश्राम आपके जीवन चरित्र से मिलती है बहुत सीख और ज्ञान भक्तों की रक्षा के लिए अदृश्य होकर भी रहते उपस्थित दूसरों की मोक्ष प्राप्ति के लिए पृथ्वी पर रहने का किया चयन उच्चतम लोकों में कर सकते थे प्रवेश,फिर भी चुना पृथ्वी पर रहना नहीं की कभी मोक्ष और स्वर्ग की कामना राम प्रस्थान के बाद चिरंजीवी होने का प्राप्त हुआ था वरदान आपके जीवन चरित्र से मिलती है बहुत सीख और ज्ञान

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