Mamang Dai ममंग दई
ममंग दई (जन्मः 23 फरवरी 1957) भारतीय आदिवासी कवयित्री, उपन्यासकार और पत्रकार हैं। ये अंग्रेजी में लिखती हैं। 2011 में इन्हें पद्मश्री और 2017 में ‘द ब्लैक हिल’
उपन्यास के लिए इन्हें साहित्य अकादमी का सम्मान मिल चुका है। ममंग दई का जन्म पासीघाट, पूर्वी सियांग जिले में मातीन दई और ओडी दाई के परिवार में हुआ। इनका
परिवार ‘आदि’ जनजाति (आदिवासी) से संबंधित है। पाइन माउंट स्कूल, शिलांग, मेघालय से इन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की है और गौहाटी विश्वविद्यालय, असम से अंग्रेजी साहित्य में कला स्नातक हैं।
1979 में इनका चयन आईएएस के लिए हो गया था, लेकिन इन्होंने आईएएस छोड़कर पत्रकारिता को अपना करियर बनाया।
साहित्य सृजन : अरुणाचल प्रदेश: द हिडन लैंड (2003) माउंटेन हार्वेस्ट: द फूड ऑफ अरुणाचल (2004) द स्काई क्वीन (2003) वन्स अपॉन ए मूनटाइम (2003) द लीजेंड ऑफ
पेंसम (उपन्यास, 2006) स्टूपिट क्यूपिड (उपन्यास, 2008) द ब्लैक हिल (उपन्यास, 2014) रिवर पोएम्स (कविता, 2004), द बाल्म ऑफ टाइम (कविता, 2008) हम्बेरेल्साईज लूम (कविता, 2014)
मिडसमर सरवाइवल लिरिक्स (कविता, 2014)
सम्मान : इन्हें 2011 में भारत सरकार से पद्मश्री मिली। अरुणाचल प्रदेश सरकार ने 2013 में इन्हें ‘अरुणाचल प्रदेश: द हिडन लैंड’ के लिए वार्षिक वेरिय एल्विन पुरस्कार से सम्मानित किया। 2017 में
‘द ब्लैक हिल’ के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार मिला।

हिंदी में कविताएँ : ममंग दई
Poetry in Hindi: Mamang Dai