Kumar Vinod | कुमार विनोद

10 मार्च 1966 को अम्बाला शहर (हरियाणा) में जन्मे कुमार विनोद ने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से एम.एस-सी., एम.फिल. एवं पी.एच-डी. (गणित) की उपाधि प्राप्त की।

आपके काव्य-संग्रह 'कविता ख़त्म नहीं होती' (2007), ग़ज़ल-संग्रह 'बेरंग हैं सब तितलियाँ' (2010), व्यंग्य-संग्रह 'बाबू समझो इशारे' (2015) एवं ग़ज़ल-संग्रह 'सजदे में आकाश' (2017) प्रकाशित हो चुके हैं। इसके साथ ही गणित के विभिन्न प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय जर्नल्स में आपके अनेक शोध-पत्र भी प्रकाशित हुए हैं।

अमेरिका, इंग्लैंड, स्पेन एवं तुर्की के विभिन्न विश्वविद्यालयों में शोध-पत्र प्रस्तुति के अतिरिक्त आपने जर्मनी एवं स्विट्ज़रलैण्ड की यात्रा भी की है। सम्प्रति आप कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के गणित विभाग में प्रोफ़ेसर के पद पर कार्यरत हैं।

ई-मेल: vinodk_bhj@rediffmail.com

कुमार विनोद - हिंदी कवि व ग़ज़लकार

ग़ज़लें : कुमार विनोद (Ghazals : Kumar Vinod)