Dr Jasbir Chawla
डॉ. जसबीर चावला

पिता : श्री मोहन सिंह चावला
शिक्षा : बी.टेक. इन मेटलर्जीकल इंजीनियरिंग (काशी हिंदू विश्वविद्यालय)। एम.बी.ए. (बिड़ला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, राँची, मेसरा)। एम.ई. इन मेटलर्जी एण्ड मैटीरियल साइंस (पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज विश्वविद्यालय, चंडीगढ़)। पी.एच.डी. (जातक कथाओं में प्रबंध शास्त्रीय तत्व) पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़। एम.ए. (रूसी भाषा), पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़। फ्रेंच एवं तिब्बती भाषा में डिप्लोमा। अनुभव : भारतीय इस्पात प्राधिकरण (सेल) के विभिन्न कारखानों एवं शोध केंद्र (राँची) में लंबा अनुभव। इस्पात मंत्रालय (भारत सरकार) के मानव संसाधन विकास हेतु संस्थान में अध्यापन का लंबा अनुभव।
प्रकाशित कृतियाँ : कविता संग्रह- चेरनोबिल, हलफनामा, जनता जान गई, यह नहीं आवाज खालिस्तान की, सबेरा सवाल बना रहेगा?, एक टुकड़ा बादल, इसे फिर से सुनिये, बस में बिकती किताब, नौ खंड पृथ्वी। लघुकथा संग्रह- नीचे वाली चिटखनी, सच के सिवा, कोमा में मछलियाँ, आतंकवादी, शरीफ जसबीर, डस्टबिनों का हँसी योग। निबंध संग्रह- दरारें और दलाल, नज़र-नज़र-नज़रिया, इस्पाती ऊँचाइयों की ओर बुद्धकीय प्रबंधन पुस्तक माला-भ्रष्टाचार प्रबंधन, दाम्पत्य-कलह प्रबंधन।
सम्मान : हिंदीतर भाषी हिंदी लेखन पुरस्कार, केंद्रीय हिंदी निदेशालय, भारत सरकार (1990-91)। हिंदी सेवी सहस्त्राब्दी सम्मान, अंतर्राष्ट्रीय विश्व शांति प्रबोधक महासंघ नई दिल्ली (2000) । राष्ट्र-भाषा रत्न, हिंदी साहित्य सम्मेलन, प्रयाग (2001)। साहित्य श्री सम्मान, आधारशिला विश्व हिंदी मिशन, आधारशिला फाउंडेशन, उत्तराखंड। साहित्य वाचस्पति, श्री सिद्धि गायत्री सनातन जन सेवा संस्थान, कानपुर (2013)। प्रो. रामप्रकाश गोयल साहित्य शिरोमणि सम्मान, अंतर्राष्ट्रीय हिंदी साहित्य कला मंच (2013)। साहित्य शिरोमणि सारस्वत सम्मान, भारतीय वाङ्मय पीठ, कोलकाता (2013)। त्रिवेणी साहित्य सम्मान, साहित्य त्रिवेणी, कोलकाता (2013)। कवि गुरु रवीन्द्रनाथ ठाकुर सारस्वत साहित्य सम्मान, भारतीय वाङ्मय पीठ, कोलाकाता (2014)। सृजनगाथा सम्मान, रायपुर (2014) विजींग (चीन) में। नये पाठक सम्मान (2016) बाली (इंडोनेशिया) में।।
सम्प्रति : ‘वाक' साहित्यिक संस्था के संस्थापक अध्यक्ष, स्वतंत्र लेखन एवं बद्धकीय प्रबंधन का प्रचार-प्रसार।

देसवाली में ईश्वर Deswali Mein Ishwar

वक़्त बीमार है Waqt Beemar Hai