Dr. Anuradha Priyadarshini डॉ. अनुराधा प्रियदर्शिनी
नाम- डॉ. अनुराधा प्रियदर्शिनी
शिक्षा-M SC (BIOCHEMISTRY),BLIS,B ED.
लेखन विधा-कविता, कहानी गीत,संस्मरण, लघुकथा आदि।
सम्मान:- श्री मौन तीर्थ हिंदी विद्यापीठ से "विद्या सागर" और विद्या वाचस्पति की उपाधि,
अंतर्राष्ट्रीय महिला मंच द्वारा "उत्तर प्रदेश महिला रत्न सम्मान",
गुफ्तगू साहित्यिक मंच से फ़िराक़ गोरखपुरी सम्मान,
गुफ्तगू साहित्यिक मंच से सीमा अपराजिता सम्मान 2023,
मधुकर शब्द सृजन सम्मान 2024।
संपादन:-दस मनके, मेरे हमसफ़र , धरती की पुकार,सप्तरंग(लघुकथा संग्रह), दीपोत्सव,
प्रेम ही जीवन है, नटखट बचपन, शक्ति स्वरूपा,आज की नारी, बिखरते रिश्ते,ईश आराधना,
रिश्तों की बुनियाद, रिश्तों की सुगंध, शक्ति स्वरूपा, रेशम की डोरी (कितनी कच्ची कितनी पक्की)।
पुस्तक :- दर्पण (लघुकथा संग्रह)।, अनुप्रिया स्वरांजलि ( काव्यसंग्रह), अलख गान (बाल-काव्य संग्रह),
जीवनोत्कर्ष कहानियाँ।
अनुप्रिया स्वरांजलि फेसबुक पेज और यूट्यूब चैनल।
EMail apinky2011@gmail.com
मोबाइल नंबर 9935058297

हिन्दी कविताएँ : Hindi Poetry
- हे! अंबिका जगदंबिका माँ
- राम का सुमिरन करो
- दान करो
- बढ़े कदम न रोकिए
- पेड़ को बचाइए
- गणेश वंदना
- पर्यावरण सुरक्षा
- करो कुछ काम
- सोंधी सी खुशबू
- सावन में
- मुझको दिया संवार
- बदल रहा है जमाना
- धीरे-धीरे जलता दीपक
- झूला
- ये कैसी बाधा
- मानस पटल, कोई है आया
- राष्ट्रभाषा की मांग है हिन्दी
- गीत : करूँ हे विधाता सदा ध्यान तेरा
- भोर
- समता के हकदार यहाँ सब
- स्नेह का दीप
- बासंती सी पवन चलती
- प्यार हमारा अमर रहेगा
- मोबाइल में कैद जिंदगी
- इक बार जीतने तक सौ बार हारता हूँ
- भोर
- धारा प्रवाह
- जानलेवा है नशा
- वक्त की धार
- शशक्त रूप में बेटियाँ
- बेटियाँ क्यों पराई होती हैं
- मेरा आगम
- मैं भी तुम्हारी संतान
- लीची