विश्व हिंदी शोध एवं संवर्धन अकादमी, वाराणसी
Vishwa Hindi Shodh Evam Samvardhan Academy Varanasi
विश्व हिंदी शोध एवं संवर्धन अकादमी, वाराणसी एक पंजीकृत संस्था है । जिसका उद्देश्य है - समाज के सभी वर्गों का सर्वांगीण विकास, जन कल्याण, शैक्षणिक उत्थान, हिंदी तथा अहिंन्दी भाषी क्षेत्रों में हिंदी का अधिकाधिक प्रचार प्रसार।
साहित्य,संस्कृति, कला, विज्ञान आदि की समुन्नति के प्रति यह संस्था प्रतिबद्ध है | हिंदी की दुर्लभ पांडुलिपियों की खोज करना, नर्सरी से लेकर महाविद्यालय तक की स्थापना करना, दिव्यांगों, पिछड़े वर्गों एवं जनजाति के लिए प्रगति हेतु मार्गदर्शन देना, आदिवासी, वनवासी क्षेत्र के बच्चों के समुचित शैक्षिक उत्थान की व्यवस्था करना। शिक्षा - सदाचार के लिए पुस्तकालय, चिकित्सालय एवं क्रीड़ा स्थल की भी व्यवस्था करना संस्था का लक्ष्य है। महिलाओं को देश -समाज के प्रति जागरूक करना । दैवी आपदाओं के समय जनता की हर संभव मदद करना । सामाजिक कुरीतियों जैसे- नशा, धूम्रपान, जुआ, भ्रूण हत्या, दहेज प्रथा आदि का उन्मूलन करना । विधवा, विद्याश्रम का संयोजन करना।
सांस्कृतिक, साहित्यिक कार्यक्रमों का आयोजन करके विविध उपाधियों से कवियों, साहित्यकारों, समाजसेवियों, चिकित्सकों, विद्वानों, उद्यमियों आदि को उनके विशिष्ट कार्यों के लिए सम्मानित करना संस्था के प्रमुख उद्देश्य हैं।
यह संस्था विगत कई वर्षों से साहित्यिक समारोह आयोजित कर रही है, जिसमें देश-विदेश की नामचीन हस्तियाँ प्रतिभाग करती हैं। देश के कई प्रान्तों - जनपदों में स्थानीय इकाईयों का गठन किया जा रहा है, जो हिंदी के विकास में सराहनीय योगदान दे रही हैं।
- हीरालाल मिश्र 'मधुकर'