सरे-वादी-ए-सीना : फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
Sar-e-Wadi-e-Sina in Hindi Faiz Ahmed Faiz
- हम सादा ही ऐसे थे की यूं ही पज़ीराई
- किये आरजू से पैमां, जो मआल तक न पहुंचे
- किस हरफ़ पे तूने गोशा-ए-लब ऐ जाने-जहां ग़म्माज किया
- शरहे-बेदर्दी-ए-हालात न होने पाई
- यूं सजा चांद कि झलका तिरे अन्दाज़ का रंग
- इंतिसाब
- लहू का सुराग़
- यहां से शहर को देखो
- ग़म न कर, ग़म न कर
- ब्लैक आऊट
- सिपाही का मरसिया
- ऐ वतन, ऐ वतन
- एक शहर आशोब का आग़ाज़
- सोचने दो
- सरे-वादी-ए-सीना
- दुआ
- दिलदार देखना
- हार्ट अटैक (रुख़सत)
- ख़ुरशीदे-महशर की लौ
- जरसे-गुल की सदा
- फ़रशे-नौमीदीए-दीदार
- टूटी जहां-जहां पे कमन्द
- हज़र करो मिरे तन से
- तह-ब-तह दिल की कदूरत
- तराना-१
