विविध रचनाएँ/कविताएँ : फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
Misc. Poetry in Hindi Faiz Ahmed Faiz
- अब बज़्मे-सुख़न सुहबते-सोख़्तगाँ है
- फ़ैज़ का आख़िरी कलाम-बहुत मिला न मिला ज़िन्दगी से
- बेबसी का कोई दरमाँ नहीं करने देते
- चाँद निकले किसी जानिब तेरी ज़ेबाई का
- गो सबको बहम साग़रो-बादः तो नहीं था
- हर घड़ी अक्से-रुख़े-यार लिए फिरती है
- हवसे-मंज़िले-लैला न तुझे है न मुझे
- कब तक दिल की ख़ैर मनाएँ, कब तक रह दिखलाओगे
- कहीं तो कारवाने-दर्द की मंज़िल ठहर जाये
- नहीं निगाह में मंज़िल तो जुस्तजू ही सही
- न किसी पे ज़ख़म अयां कोई, न किसी को फ़िकर रफ़ू की है
- वक़्फ़े-उमीदे-दीदे-यार है दिल
- अनिल बिस्वास के लिए
- और फिर एक दिन यूँ ख़िज़ाँ आ गई
- बालीं पे कहीं रात ढल रही है
- दश्ते-ख़िज़ाँ में
- एक गीत दर्द के नामगर हिम्मत है तो बिस्मिल्लाह
- गीत-अब क्या देखें राह तुम्हारी
- गीत-हम तेरे पास आये
- गीत-कोई दीप जलाओ
- गीत-मंज़िलें मंज़िलें
- गीत-पंखी राजा मीठा बोल
- गीत-सुखी रहे तेरी रात
- हम्द
- इंक़लाब-ए-रूस
- इकबाल-ज़माना था कि हर फ़रद इंतज़ारे-मौत करता था
- ख़्वाबे-परीशाँ
- मदह
- मरसिया-ए-इमाम
- मेरे देस के नौनिहालों के नाम
- मुनीज़ा की सालगिरह
- नात
- नज्र
- प्याम-ए-तजदीद
- सेहरा
- वापस लौट आई है बहार
- यार अग़ियार हो गए हैं
