Shiv Kumar Batalvi (शिव कुमार बटालवी)

शिव कुमार बटालवी (१९३६-१९७३) का जन्म एक ब्राह्मण घराने में, बड़ा पिंड लोहटियां, तहसील शकरगढ़, ज़िला सयालकोट (पश्चिमी पंजाब, पाकिस्तन) में हुआ। उन के पिता पंडित कृष्ण गोपाल गाँव के तहसीलदार और माता शान्ति देवी जी घरेलू औरत थीं। बंटवारे के बाद १੯४७ में वह बटाला (ज़िला गुरदासपुर) आ गए। यहाँ ही शिव ने अपनी प्राथमिक शिक्षा प्राप्त की। वह रूमांटिक कवि थे। उन की सुरीली आवाज़ ने उन को और उन की कविता को बहुत ही हरमन प्यारा बना दिया। उन को १੯६७ में उन के काव्य नाटक 'लूणां' के लिये साहित्य अकादमी इनाम मिला। उन की काव्य रचनायें हैं ; पीड़ां दा परागा, लाजवंती, आटे दीआं चिड़ियां, मैनूं विदा करो, दरदमन्दां दीआं आहीं, लूणां, मैं ते मैं, आरती और बिरहा तू सुलतान (चुनी हुई कविता)।

शिव कुमार बटालवी कवि

शिव कुमार बटालवी की रचनाएँ

Complete Punjabi Poetry of Shiv Kumar Batalvi in Hindi