पंडित राम प्रसाद 'बिस्मिल' (1897–1927)
पंडित राम प्रसाद 'बिस्मिल' भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास के वे अप्रतिम नायक हैं, जिनके व्यक्तित्व में क्रांति की अग्नि और साहित्य की कोमलता का अद्भुत संगम था। 11 जून 1897 को शाहजहाँपुर में जन्मे 'बिस्मिल' का जीवन मात्र 30 वर्ष का था, लेकिन उनके विचार और बलिदान आज भी भारत की भावी पीढ़ियों के लिए प्रेरणा के स्रोत हैं।
क्रांतिकारी जीवन और विचारधारा
राम प्रसाद बिस्मिल का क्रांतिकारी जीवन 19 वर्ष की आयु में तब शुरू हुआ, जब उन्होंने देश की दुर्दशा देखकर ब्रिटिश शासन को उखाड़ फेंकने का संकल्प लिया।
- हिन्दुस्तान रिपब्लिकन ऐसोसिएशन (HRA): उन्होंने सचिंद्रनाथ सान्याल के साथ मिलकर HRA की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- काकोरी काण्ड (9 अगस्त 1925): संगठन के लिए धन जुटाने हेतु काकोरी के पास सरकारी खजाना लूटा, जिसने ब्रिटिश सरकार की नींव हिला दी।
साहित्यिक प्रतिभा
उनका उर्दू तखल्लुस 'बिस्मिल' था जिसका अर्थ 'आहत' होता है। वे 'राम' और 'अज्ञात' उपनामों से भी लिखते थे। उन्होंने जेल में ही अपनी आत्मकथा लिखी और अपने साहित्य की बिक्री से प्राप्त धन का उपयोग क्रांतिकारी गतिविधियों के लिए किया।
व्यक्तित्व के अनछुए आयाम
| विशेषता | विवरण |
|---|---|
| बहुभाषाभाषी | हिंदी, उर्दू, बंगाली, संस्कृत और अंग्रेजी के ज्ञाता। |
| दूरदर्शी | समाज सुधार और राष्ट्रवाद की अलख जगाने वाले। |
| संगठनकर्ता | गुप्त नेटवर्क और फंड जुटाने में कुशल। |
राम प्रसाद बिस्मिल की रचनाएँ
(Poetry in Hindi)- सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है
- जिन्दगी का राज-चर्चा अपने क़त्ल का
- मिट गया जब मिटने वाला (अन्तिम रचना)
- मुखम्मस-हैफ़ हम जिसपे कि तैयार थे मर जाने को
- कुछ अशआर
- न चाहूँ मान दुनिया में, न चाहूँ स्वर्ग को जाना
- हे मातृभूमि ! तेरे चरणों में सिर नवाऊँ
- अरूज़े कामयाबी पर कभी तो हिन्दुस्तां होगा
- भारत जननि तेरी जय हो विजय हो
- ऐ मातृभूमि तेरी जय हो, सदा विजय हो
- फूल-फूल ! तू व्यर्थ रह्यो क्यों फूल
- तराना-बला से हमको लटकाए अगर सरकार फांसी से
- देश की ख़ातिर मेरी दुनिया में यह ताबीर हो
- दुनिया से गुलामी का मैं नाम मिटा दूंगा
- आज़ादी-इलाही ख़ैर ! वो हरदम नई बेदाद करते हैं
- देश हित पैदा हुये हैं देश पर मर जायेंगे
- यह सबब है जो हमारी वो खबर रखते नहीं
Poetry in Roman Hindi / Titles
(Transliterated Index)- Sarfaroshi Ki Tamanna
- Zindgi Ka Raaz (Charcha Apne Qatal Ka)
- Mit Gaya Jab Mitne Wala (Antim Rachna)
- Mukhammas-Haif Ham Jis Pe Ki Taiyar The
- Kuchh Ashaar
- Na Chahoon Maan Duniya Mein
- He Matribhoomi
- Arooze Kamyabi Par Kabhi to
- Bharat Janani Teri Jay Ho
- Ai Matribhoomi Teri Jay Ho
- Phool
- Tarana-Bala Se Hamko Latkaye
- Desh Ki Khatir Meri Duniya Mein
- Duniya Se Ghulami Ka Main Naam Mita Doonga
- Aazaadi-Ilahi Khair Vo Hardam
- Desh Hit Paida Huye Hain
- Yeh Sabab Hai Jo Hamari Vo Khabar
