Rahim | रहीम
जीवनकाल: 17 दिसम्बर 1556 – 1627
खानज़ादा मिरज़ा खान अबदुल रहीम खान-ए-खाना को सर्वसाधारण में केवल 'रहीम' के नाम से ही जाना जाता है। वे मुगल सम्राट अकबर के दरबार के प्रसिद्ध 'नौ रत्नों' में से एक थे तथा अकबर के संरक्षक बैरम खान के पुत्र थे। भारतीय पंजाब के नवांशहर जिले के 'खानखाना' गाँव का नाम उन्हीं के नाम पर रखा गया है।
रहीम एक कुशल सेनापति, प्रशासक होने के साथ-साथ बहुभाषाविद और उच्च कोटि के साहित्यकार थे। उन्होंने सम्राट बाबर की आत्मकथा 'बाबरनामा' का तुर्की से फ़ारसी में अनुवाद किया तथा खगोल विद्या पर भी ग्रंथों की रचना की। ब्रजभाषा और अवधी में उनके द्वारा रचित नीति के दोहे भारतीय जन-जीवन में अत्यंत लोकप्रिय हैं। उन्होंने संस्कृत में भी श्लोकों की रचना की।
प्रमुख काव्य-कृतियाँ:
- दोहावली (रहीम दोहावली)
- नगर-शोभा
- बरवै नायिका-भेद
- बरवै भक्तिपरक
- शृंगार-सोरठा & सोरठा
- मदनाष्टक
- संस्कृत श्लोक
रहीम की प्रमुख रचनाएँ
(Literary Works)रहीम की प्रसिद्ध कविताएँ एवं पद
(Hindi Poetry : Rahim)- 1. अति अनियारे मानों सान दै सुधारे
- 2. उत्तम जाति है बाह्मनी
- 3. छबि आवन मोहनलाल की
- 4. जाति हुती सखि गोहन में
- 5. जिहि कारन बार न लाये कछू
- 6. कमल-दल नैननि की उनमानि
- 7. कौन धौं सीख 'रहीम' इहाँ
- 8. दीन चहैं करतार जिन्हें सुख
- 9. पट चाहे तन पेट चाहत छदन मन
- 10. पुतरी अतुरीन कहूँ मिलि कै
- 11. बड़ेन सों जान पहिचान कै रहीम कहा
- 12. मोहिबो निछोहिबो सनेह में तो नयो नाहिं
Hindi Poetry/Kavita Rahim
(Transliterated Titles)- 1. Ati Aniyaare Maanau Saan Dai Sudhaare
- 2. Baden So Jaan Pahichaan Kai Rahim Kaah
- 3. Chhabi Aavan Mohalal Ki
- 4. Deen Chahain Kartar Jinhein Sukh
- 5. Jaatee Hutee Sakhee Gohan Mein
- 6. Jih Kaaran Baar Na Laaye Kachhu
- 7. Kamal Dal Nainan Ki Unmaan
- 8. Kaun Dhaun Seekh Rahim Ihan
- 9. Mohibo Nichhohibo Saneh Mein To Nayo Naahin
- 10. Pat Chaahe Tan Pet Chahat Chhadan
- 11. Putree Atureen Kahoon Mil Kai
- 12. Uttam Jaat Hai Bahmani
