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हिंदी लोक गीत बन्ना-बन्नी Hindi Lok Geet Banna-Banni
अपना बन्ना फूल गुलाबी
आज अँगन मेरा सूना
आज तेरा श्रृंगार कराऊँ बन्ना रे
आज म्हारे बन्ने ने धनुष उठा लिया
आलू-मटर वाले ने
इचक दाना बिचक दाना
इतर में भीग रही
एक फुल खिल्या आधी रात
कच्ची पक्की कलियाँ हिलाया न करो
कहो राजा जनक कहो सिया प्यारी
किरण की छन्नी में बन्ने ने रास रचाई
केसरिया बन्ना बागों में आया रे
कोका कोला मिलेगा दो-दो तोला मिलेगा
चन्दन के चार पावा लगे
चल बन्नी इस घर से बैठ मोटर में
चलो जल्दी सजो बन्ना
चिक डाल दो कमरे में
छज्जे ऊपर बन्ना बैठा दिल खोल के
छोटी सी बन्नी पारवती
जरा सामने तो आओ बन्ना
झूठ बोले बन्ना डांटे
दइया ओ दइया बन्नी के नजर लागी
द्वारे पे बाजे शहनाई
दो हँसों की गाड़ी तैयार खड़ी रे
नखरालो बन्नो जी बन्नी पर जादू करगो
नगर में शोर भारी है
नीचे पान की दुकान
प्यारे बन्ने तू शादी रचाना
बन्ने के नैना जादू के बान
बन्नी उड़ी उड़ी डोले
बन्नी तुम तो सजन घर जाओगी
बन्नी मेरी चन्द्रकला सी
बन्नी धीरे चलो ससुराल गलियाँ
बन्नी हमें कॉलेज के पास मिलना
बन्ने के गोरे-गोरे गाल
बन्ना जाएगा बन्नी के लिए
बन्ना तो मेरा चाँदी का गिलास
बन्नी आजा-आजा मेरे बाज़ार बन्नी
बन्ना जोबनिया जलेबी भरी रस की
बन्ने की शादी होवेगी
बन्नी के दादा जी दे रहे दान
बन्ना बुलाए बन्नी नही आए
बन्नो तेरी डोली दरवाजे खड़ी
बन्ना नादान गलियों गलियों में कहता डोले
बन्ना मेरा फ़ोटो में मचल गया रे
बन्ना इतने दिन क्वारे क्यों रहे
बन्नी दूर खेलन मत जइयो
बन्ना मेरे घर आना जमाई बन के
बन्ने राजा बरात ले के आजा
बड़ी दूर से आया बन्ना
बाग लगाये मधुबन में
भरी महफिल में बन्ना
महलों के बीच बन्नी
मानो बन्ना मानो बराबर लडूंगी
मेरी बन्नी का रचा है ब्याह
मेरी हरी हरी चुड़ियों से बाहें भरी
मेरे हरियाले बन्ने मेरे शहजादे बन्ने
रंगीली घोड़ियाँ झनकारों से सजकर
लाड़ो पूछे दादी से ओ दादी
लीपो आँगना बाँधो बाँधना
लैला मिली मजनूँ न मिला
सनन सनन सांय सांय
सावन का महीना बन्ने ने कीया शोर
सुहाग बरसे बन्नी तेरे अँगनवा
हरियाली बन्नी लाड़ली