Guru Amar Das Ji | गुरू अमर दास जी
गुरू अमर दास जी (5 मई 1479 – 1 सितम्बर 1574) सिखों के तीसरे गुरू थे। आपका जन्म बासरके, ज़िला अमृतसर में हुआ। आपके पिता तेजभान जी और माता सुलक्खनी जी थीं। आपका विवाह मनसा देवी जी के साथ हुआ। आपके दो पुत्र मोहन जी और मोहरी जी तथा दो बेटियाँ बीबी दानी जी और बीबी भानी जी थीं। श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी में आपकी 907 रचनाएँ दर्ज हैं, जिनमें प्रसिद्ध 'अनन्दु साहिब' भी शामिल है। गुरू अमर दास जी ने 1 सितम्बर 1574 को गुरू राम दास जी को गुरू गद्दी सौंपी।
