छैंया-छैंया गुलज़ार
Chhainya Chhainya Gulzar
- रोज़गार के सौदों में
- मुझको इतने से काम पे रख लो
- तेरी आँखें तेरी ठहरी हुई ग़मगीन-सी आँखें
- कितनी सदियों से ढूँढ़ती होंगी
- इन बूढ़े पहाड़ों पर, कुछ भी तो नहीं बदला
- न जाने क्या था, जो कहना था
- यार जुलाहे
- कल की रात गिरी थी शबनम
- बैरागी बादल
- ख़्वाब टूटे न कोई, जाग ना जाए देखो
- दिल का रसिया और कहाँ होगा
- डूब रहे हो और बहते हो
- सारा जहाँ चुप चाप हैं, आहटें नासाज़ हैं
- आवारा रहूँगा
- ऐसा कोई ज़िन्दगी से वादा तो नहीं था
- आँखों में सावन छलका हुआ है
- चोरी चोरी की वो झांकियां
- हर बात पे हैरां है मूरख है ये नादां है
- ये सुबह सांस लेगी और बादबाँ खुलेगा
- छई छप छई, छपाके छई
- इतना लंबा कश लो यारो
- घपला है भई
- बंदोबस्त है जबर्दस्त है
- जागो जागो जागते रहो
- जय हिन्द हिन्द, जय हिन्द हिन्द
