1. सरकारी नौकरी
जब से होश सम्हाला है, तेरे ही ख़्वाब देखे हैं
तुम्हारे नाम का ज़िक्र होते ही,
होठों पर मुस्कुराहट आ जाती है।
सरकारी नौकरी।
मेरी इस एकतरफा चाहत को,
दो तरफा कर दो न,
मेरी किस्मत की लकीरों में, छा जाओ ना,
मेरी सरकारी नौकरी।
हमारी ख़ता सिर्फ़ इतनी सी है कि,
बेरोज़गारी के इस आलम में,
बेइंतेहा मोहब्बत हम तुमसे कर बैठे,
सरकारी नौकरी।
तुम्हारे आने का इत्मीनान से इंतजार करता हूं,
मेरी सरकारी नौकरी।
सरकारी नौकरी।
