हाइकु : गौतम कुमार सागर
हाइकु
1)
प्रेम के पत्र
भरित दीमक से
यादें सिसके।
2)
चमगादड़
टंगे नयन द्वार
स्वप्न समान ।
3)
गिरह पड़े
बार-बार उलझे
साँसों का गुच्छा ।
4)
प्रेम का जाल
हाथ में है जिसके
वो फँसा पड़ा।
5)
नयन कोर
अटका एक अश्रु
दृष्टि अछोर
6)
नयन सीप
अश्रु महासागर
सपने मोती
7)
वर्षा का तन
धरती का बदन
नव्य-सर्जन
8)
फूल भीतर
मिट्टी की कोख
पलती गंध
9)
वादों का पान
मुख शब्द- रंगीन
नही यकीन
10)
आस कटोरा
दूध-जल मिश्रित
बनिए हंस
11)
तुषार-वीणा
मरुस्थल का गीत
अजब सुर
12)
गुलाबी गात
ईश्वरीय -संदेश
कन्या का जन्म
13)
उषा घूँघट
हटाता दिनकर
लजाती रात
| |
| |