ब्राह्मणक गीत : मैथिली लोकगीत
Brahmanak Geet : Maithili Lokgeet
अन-धन सोनमा अहाँ हमरो के देलहुँ
अन-धन सोनमा अहाँ हमरो के देलहुँ यो अहाँ ब्राह्मण बाबू पुत्र बिनु लगइए उदास, यो अहाँ ब्राह्मण बाबू जौं तोरा आहे सेवक पुत्र फल देब हमरो के कीये देब दान, यो अहाँ ब्राह्मण बाबू गाम के पछिम हम पीड़िया बनायब कोस भरि छीलब चौपाड़ि,यो अहाँ ब्राह्मण बाबू
आउ-आउ-आउ ब्राह्मण अंगना हमार यो
आउ-आउ-आउ ब्राह्मण अंगना हमार यो चौपाड़ि सून लागे अहाँ बिनु हमार यो कोने अभागल रमा पिड़िया नीपय कोने अभागल रामा करइए पुकार यो सेवक अभागल रामा पिड़िया नीपय भगता अभागल रामा करइए पुकार यो आउ-आउ-आउ ब्राह्मण अंगना हमार यो
कथी बिनु आहे ब्राह्मण मुहमा मलीन भेल
कथी बिनु आहे ब्राह्मण मुहमा मलीन भेल कथी बिनु चेहरा उदास, यो अहाँ ब्राह्मण बाबू खाय लीय आहे ब्राह्मण पाकल बीड़ा पनमा पहीरि लीअ पीअर जनउ, यो अहाँ ब्राह्मण बाबू गामक पछिम ब्राह्मण ठूठ एक पाकड़ि भोर होइतहि दूध देब ढ़ारि, यो अहाँ ब्राह्मण बाबू
कीर्त्तन बजइए अनघोल
कीर्त्तन बजइए अनघोल, यो अहाँ ब्राह्मण बाबू लाले ओ धोतिया ब्राह्मण लाले तौनिया यो अहाँ ब्राह्मण बाबू सेहो लए अहाँ के पहिरायब यो अहाँ ब्राह्मण बाबू लाले खरमुआ ब्राह्मण लाले जनउआ यो अहाँ ब्राह्मण बाबू सेहो लए अहाँ के पहिरायब यो अहाँ ब्राह्मण बाबू लाले मधुर ब्राह्मण लाल पुष्पहार यो अहाँ ब्राह्मण बाबू अहींके भोग लगायब, यो अहाँ ब्राह्मण बाबू
घोड़बा चढ़ल अबथिन ब्राह्मण दुलरुआ
घोड़बा चढ़ल अबथिन ब्राह्मण दुलरुआ हाथ दुनू कमलक फूल यो किए भेलौं ब्राह्मण शक्तिहीना मुँह किए तोहर मलीन यो पान बिना आहे सेवक मुँहमा मलीन भेल जनौ बिनु शक्तिसँ हीन यो देब यो ब्राह्मण बाबू पीअरे जनौआ आर देब मुखबामे पान यो नहाए सोनाए ब्राह्मण थीर भय बैसला सूर्य के कयल मलीन यो भनहि विद्यापति सुनू यो ब्राह्मण बाबू सदा रहब सहाय यो
छोटी-मोटी ब्राह्मण बाबू के अलप बएस छनि
छोटी-मोटी ब्राह्मण बाबू के अलप बएस छनि भुइयाँ लोटनि नामी केश है ब्राह्मण बाबू के अंगना चानन घन गछिया ताही चढ़ि कोइली घमसान हे कटबइ चानन गाछ, घेरबइ अंगनमा छुटि जेतइ कोइली केर बाट हे सएह सुनि कोइली रोदना पसारल ब्राह्मण बाबू किए जीव-घात हे जुनि कानू जुनि खीजू कोइली सुरीलिया सोने मढ़ायब दुनू ठोर हे जाही वन जायब कोइली, रून-झुन बाजत बाजि जायत ब्राह्मण बाबूक नाम हे
छोटी-मोटी ब्राह्मण बाबूके कान दुनू सोनमा
छोटी-मोटी ब्राह्मण बाबूके कान दुनू सोनमा पढ़य के पोथी नेने जाय हे बाटे भेटिय गेल ब्राह्मण केर बेटिया यो सब जनौ दिअ चढ़ाय हे पहिने जे अबितौं ब्राह्मण अहींके चढ़बितौं सभ जनौ गेलै बिकाय हे बाटे भेटिय गेल मालिन केर बेटिया यो सब फूल दिअ चढ़ाय हे पहिने जे अबितौं ब्राह्मण अहींके चढ़बितौं सभ फूल गेल बिकाय हे बाटे भेटिय गेल हलुअइया के बेटिया सभ मधुर दीअ चढ़ाय हे पहिने जे अबितौं ब्राह्मण अहींके चढ़बितौं सभ मधुर गेल बिकाय हे छोटे मोटे ब्राह्मण बाबू केर कान दुनू सोनमा पढ़य के पोथी नेने जाय हे
झाँखी जे देखलौं ब्राह्मण अजीब किसिम के
झाँखी जे देखलौं ब्राह्मण अजीब किसिम के यो अहाँ ब्राह्मण बाबू छोटी-मोटी लोक सब देखलौं ठाढ़ यो अहाँ ब्राह्मण बाबू छोट गहबरिया ब्राह्मण ऊँच त्रिशूलिया यो अहाँ ब्राह्मण बाबू दस पाँच गोहरिया देखलौं ठाढ़ यो अहाँ ब्राह्मण बाबू कोढ़िआ के काया दिऔ, अन्हरा के नयन यो अहाँ ब्राह्मण बाबू बाँझिन के दिऔ एक पुत्र, यो अहाँ ब्राह्मण बाबू
तोहरे भरोसे ब्रहम बाबा झिझिया
तोहरे भरोसे ब्रहम बाबा झिझिया बनइलिअइ हो तोहरे भरोसे ब्रहम बाबा झिझिया बनइलिअइ हो ब्रहम बाबा झिझरी पर होईअऊ न असवार अबोधवा बालक तोहर किछियो न जानय छौ हो ब्रहम बाबा झिझरी पर होईअऊ न असवार तोहरे अंगनमा ब्रहम बाबा जुड़वा बनइलिअइ हो तोहरे अंगनमा ब्रहम बाबा जुड़वा बनइलिअइ हो ब्रहम बाबा जुड़वा पर होईअऊ न असवार अबोधवा बालक तोहर किछियो न जानय छौ हो कंहवा से अईतय मईया हरिन सुगवा हो मईया गे कंहवा से अयतई भैरो भाई सड़क पर झिझरी खेल आयब हो ससुरा से अईलय मईया हे हरिन सुगवा हो मईया हे नईहर से अयलई भैरो भाई सड़क पर झिझरी खेल आयब हो किए पानी मईया हे देबई हरिन सुगवा हो मईया हे किए पानी देबई भैरो भाई सड़क पर झिझरी खेल आयब हो झारी पानी देबई मईया हे हरिन सुगवा हो मईया हे लोटे पानी देबई भैरो भाई सड़क पर झिझरी खेल आयब हो माछ मारs गेले डयनियाँ बाबा के पोखरिया माछ मारs गेले डयनियाँ बाबा के पोखरिया मारि लैले कतरी मछरिया गे चल चल गे डयनियाँ ब्रहम तर तोरा बेटा के खयबऊ ब्रहम तर तोहरे भरोसे ब्रहम बाबा झिझिया बनइलिअइ हो ब्रहम बाबा झिझरी पर होईअऊ न असवार...
पगिया तोहर गुलबिया हौ ब्राह्मण
पगिया तोहर गुलबिया हौ ब्राह्मण धोतिया तोहर भटरंग हे घोड़बा तोहर बघेरबा हौ ब्राह्मण सोने मुठी लागल लगाम हे ताहि घोड़बा चढ़ि चललह हौ ब्राह्मण चलि भेला अबला गोहारि हे जहाँ जहाँ देखथि ब्राह्मण दूधपीठी-मधुर तहाँ तहाँ जीब ललचाय हे जहाँ जहाँ देखथि ब्राह्मण जोड़ा जनउआ सभक सुनथि गोहारि हे उजरा छागर धुरखुर बन्हाएब करिया छागर बलिदान हे कल जोड़ि अबला गोहारथि सदा रहियौ अबला पर सहाय हे
परबत पहाड़सँ अयलइ एक ब्राह्मण
परबत पहाड़सँ अयलइ एक ब्राह्मण यो अहाँ ब्राह्मण बाबू चलि भेला गंगा स्नान यो अहाँ ब्राह्मण बाबू माय हुनक रोकनि, बाबू परबोधनि यो अहाँ ब्राह्मण बाबू हंटलो ने मानथि ब्राह्मण डंटलो ने मानथि यो अहाँ ब्राह्मण बाबू चलि भेला गंगा स्नान यो अहाँ ब्राह्मण बाबू नहाय सोनाय ब्राह्मण भीड़ चढ़ि बैसला यो अहाँ ब्राह्मण बाबू ताकय लगला सेवक केर बाट यो अहाँ ब्राह्मण बाबू
ब्राह्मण पड़लौं अथाहमे, उबारि दिअ यो
ब्राह्मण पड़लौं अथाहमे, उबारि दिअ यो जल-थल-नदियामे नइया डुबल अछि ब्राह्मण डूबल नइया के उबारि दिअ यो गंगा निकट सौं माटि मंगायब ब्राह्मण ऊँच कए पीड़िया बनाय देब यो मलिया आँगन सौं मउरी मंगायब ब्राह्मण अहीं सिर मउरी टंगाय देब यो हलुअइया दोकान सौं मधुर मंगायब ब्राह्मण अहीं केर भोग लगाय देब यो ब्राह्मण बेटिया सौं जनौ बनबायब ब्राह्मण अहींकेँ जनौआ चढ़ाय देब यो