बहू-बेटा लेने के गीत : बुन्देली लोकगीत
Bahu-Beta Lene Ke Geet : Bundeli Lok Geet
बागा उड़न्ती चिरैया
बागा उड़न्ती चिरैया भले भले सगुन उचारे सगुन चिरैया हो। विहँसत आवे राजा आजोला लये नाती-बहु साथ। आगे हो सूप टिपारे पाछै सजनजू की जोय। बागा उड़ती चिरैया भले भले सगुन उचारे। डिरकत आवै भूरीं भैंसे तो रूरकत आवै पड़ेरू। रंभात आवे गैंया उनके साथ बछेरू। बागा उड़न्ती चिरैया... विहँसत आवै राजा बीबोला लये बेटी बहू साथ। आगे हो सूप टिपारे पाछै सजनजू की जोय।
आला चोखे रे चंदन कटाय
आला चोखे रे चंदन कटाय होरे भौंरा। सुघर से बढ़ई बुलाय मोरे भौंरा। चंदन पलकिया डराये ओ रे मोरे भौंरा। जो चढ़ जैहों अपने ससुरा कें ओ मोरे भौंरा। ससुरा के अँगना जेठन देवरन से भरियो रे मोरे भौंरा। जेठा के अँगना जिठौतन सें भरियो ओ रे मोरे भौंरा। देवर के अँगना देवरौतन सें भरियो ओ रे मोरे भौंरा। सो अधिक रमानौं ओ रे मोरे भौंरा। आले चोखे चंदन कटाय ओ रे मोरे भौंरा।