ज़फ़र अली ख़ाँ हिन्दी कविता
 Hindi Kavita
ज़फ़र अली ख़ाँ
Zafar Ali Khan
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ज़फ़र अली ख़ाँ

ज़फ़र अली ख़ाँ (1873-27 नवंबर 1956) का जन्म क़स्बा कोट मरता ज़िला सियालकोट में हुआ। आरम्भिक शिक्षा कर्माबाद में प्राप्त की। वह शायर, संपादक और आज़ादी के संघर्ष के सक्रिय राजनीतिक कार्यकर्ता थे। वह मशहूर दैनिक ‘ज़मीदार’ के संपादक रहे। मौलाना की राजनैतिक धारा गांधी जी का अहिंसा की नीति से बहुत भिन्न थी । वह अंग्रेज़ी हुक्मरानों से सीधे टकराव में विश्वास रखते थे। स्वतंत्रता आन्दोलन में हिस्सा लेने के जुर्म में गवर्नर पंजाब सर माईकल ओडवायर के दौर में उन्हें पांच साल का सश्रम कारावास की सज़ा बर्दाश्त करनी पड़ी। ख़िलाफ़त आन्दोलन से भी मौलाना की सम्बद्धता बहुत मज़्बूत थी। मौलाना की शायरी भी उनके उस राजनैतिक और सामाजिक संघर्ष का एक माध्यम रही। उनके काव्य संग्रह हैं: बहारिस्तान, निगारिस्तान और चमनिस्तान।

ज़फ़र अली ख़ाँ हिन्दी कविता

फ़ानूस-ए-हिन्द का शोला
हिन्दोस्तान
इंक़लाब-ए-हिन्द
जन्म-अष्टमी
सुख़नवरान-ए-अहद से ख़िताब
चू की लफ़्ज़ी तहक़ीक़
ख़ुमिस्तान-ए-अज़ल का साक़ी
मोहब्बत
नवेदे-आज़ादी-ए-हिन्‍द
सर मैलकम हेली के मल्‍फ़ूज़ात
 
 
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