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सुखमंगल सिंह
Sukhmangal Singh
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Sukhmangal Singh Hindi Poetry

हिंदी कविता-सुखमंगल सिंह

सुविचार

ज्ञान बनाता महान
चिंतन विद्वान् ।
सीखना और सिखाना
सफलता पर चलना
असफलता पर गुनना
जीवन सफल बनाना ।
काम उद्देश्य पास
लक्ष्य-ऊर्जा साथ ।
सालाह को सुनना
स्वंय सुधार करना ।
पक्के इरादे साथ
और आलस त्याग ।
आदतों का त्याग
सफलता का राज ।
आध्यात्म साथ रहता
विज्ञान पास रहता ।
ज्ञान बनाता महान
चिंतन विद्वान् ।।

जल पीना और पिलाना

सिल गये हों होठ तो भी गनगुनाना चाहिए
रोना-धोना भूल कर मुस्कराना चाहिए ।

विद्रोही की ज्वाला भड़क उट्ठी है क्या ?
खुद समझ कर बाद में सबको बताना चाहिए ।

बस्तियों में फिर चरागों को जलाने वास्ते
महलों के दीपक कभी भी ना बुझाना चाहिए ।

अम्नो-अमन की नदियां अवच्छ हों बहें,
और वही जल पीना औ' पिलाना चाहिए ।।

 
 
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