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हरिवंशराय बच्चन
Harivansh Rai Bachchan
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सूत की माला हरिवंशराय बच्चन

नत्‍थू ख़ैरे ने गांधी का कर अंत दिया
आओ बापू के अंतिम दर्शन कर जाओ
यह कौन चाहता है बापूजी की काया
अब अर्द्धरात्रि है और अर्द्धजल बेला
तुम बड़ा उसे आदर दिखलाने आए
भेद अतीत एक स्‍वर उठता
भारत के सब प्रसिद्ध तीर्थों से, नगरों से
थैलियाँ समर्पित कीं सेवा के हित हजार
बापू की हत्‍या के चालिस दिन बाद गया
'हे राम' - खचित यह वही चौतरा, भाई
 
 
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