Hindi Kavita
शहीद भगत सिंह
Shaheed Bhagat Singh
 Hindi Kavita 
 Hindi Kavita

शहीद सरदार भगत सिंह

भगत सिंह (28 सितम्बर या 19 अक्टूबर 1907-23 मार्च 1931) भारत के प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी क्रांतिकारी थे। उनका जन्म पिता सरदार किशन सिंह और माता विद्यावती कौर के घर एक जाट सिक्ख परिवार में गाँव बंगा, तहसील जड़ाँवाला, जिला लायलपुर, पंजाब (अब पाकिस्तान में) हुआ । अमृतसर जलियाँवाला बाग हत्याकाण्ड का उन पर गहरा प्रभाव पड़ा। उन्होंने देश की आज़ादी के लिए ब्रिटिश सरकार का मुक़ाबला किया। लाहौर में साण्डर्स की हत्या और उसके बाद दिल्ली की सेण्ट्रल असेम्बली में बम-विस्फोट करके ब्रिटिश साम्राज्य के विरुद्ध खुला विद्रोह किया। जिसके फलस्वरूप उन्हें २३ मार्च १९३१ को उनके दो अन्य साथियों, राजगुरु तथा सुखदेव के साथ फाँसी दी गयी।


Shaheed Bhagat Singh

शहीद भगत सिंह से सम्बंधित कविताएं

डरे न कुछ भी जहां की चला चली से हम
अगर भगत सिंह और दत्त मर गए
बम चख़ है अपनी शाहे रईअत पनाह से
ज़िंदा-बाश ऐ इंक़लाब ऐ शोला-ए-फ़ानूस-ए-हिन्द
हिन्दोसतान
तेईस मार्च को
मरते मरते
भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के बलिदान
मिटने वालों की वफा का यह सबक याद रहे
भगत सिंह-पंडित हर्ष दत्त पांडे
भगत सिंह की याद
खून का आंसू
मर्दाना भगत सिंह
प्यारा भगत सिंह
जल्लाद से
तीन शहीद
खून के छींटे
फांसी के शहीद
ऐलान
भगतसिंह से-शैलेन्द्र