Hindi Kavita
महादेवी वर्मा
Mahadevi Verma
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Rashmi Mahadevi Verma

रश्मि महादेवी वर्मा

अतृप्ति
अन्त
अलि अब सपने की बात (गीत)
अलि से
आशा
आह्वान
उनसे
उपालम्भ
उलझन
कभी
क्रय-चुका पायेगा कैसे बोल
कौन है?
क्यों-सजनि तेरे दृग बाल
क्यों इन तारों को उलझाते (गीत)
जब-नींद में सपना बन अज्ञात
जीवन
जीवन दीप
दुःख
दुविधा-कह दे माँ क्या अब देखूँ
देखो
निभृत मिलन
पपीहे के प्रति
प्रश्न
पहिचान
मृत्यु से
मेरा पता
मैं और तू
रश्मि-चुभते ही तेरा अरुण बान (कविता)
रहस्य
विनिमय
वे दिन
? (शून्यता में निद्रा की बन)
समाधि से
सुधि
स्मृति-कहीं से, आई हूँ कुछ भूल (रश्मि)
 
 
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