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गोपालदास नीरज
Gopal Das Neeraj
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प्राण-गीत गोपालदास नीरज

क्या करेगा प्यार वह
गीत-तुम झूम झूम गाओ
कोई नहीं पराया
प्रेम-पथ हो न सूना
प्रेम को न दान दो
दुश्मन को अपना हदय जरा देकर देखो
दीप नहीं, दीप का
जलाओ दिए पर
मूर्ख पुजारी है वह जो कहता है
खोजने तुमको गया
जब न तुम ही मिले
तुम्हारे बिना आरती
कहते-कहते थके
इस तरह तय हुआ
यूँही यूँही
आदमी है मौत से लाचार
यह प्रवाह है
आदमी को प्यार दो
कौन तुम हो
एक बार यदि अपने मदिर
भूखी धरती अब भूख मिटाने
सृष्टि हो जाये सुरभिमय
30 जनवरी-एक आदेश
मन आज़ाद नहीं है
सत्य का निर्माण करती
प्राण की धड़कन
स्वप्न-तरी-अनुवाद
 
 
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