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रामधारी सिंह दिनकर
Ramdhari Singh Dinkar
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Neem Ke Patte Ramdhari Singh Dinkar

नीम के पत्ते रामधारी सिंह 'दिनकर'

नेता
रोटी और स्वाधीनता
सपनों का धुआँ
राहु
निराशावादी
व्यष्टि
पंचतिक्त
अरुणोदय
स्वाधीन भारती की सेना
जनता
जनता और जवाहर
हे राम !
गाँधी-मा भै:, मा भै:
मैंने कहा, लोग यहाँ तब भी हैं मरते
पहली वर्षगाँठ
 
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