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महादेवी वर्मा
Mahadevi Verma
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Neehar Mahadevi Verma

नीहार महादेवी वर्मा

अतिथि से
अधिकार-वे मुस्काते फूल, नहीं
अनन्त की ओर
अनुरोध
अनोखी भूल
अभिमान
आना
आँसू
आँसू की माला
उत्तर
उनका प्यार
उनसे
उस पार
कहाँ
कौन ?
खोज
चाह
जो तुम आ जाते एक बार
तब
दीप
निर्वाण
निश्चय
नीरव भाषण
प्रतीक्षा
परिचय
फिर एक बार
फूल-मधुरिमा के, मधु के अवतार
मिलन
मिटने का खेल
मुर्झाया फूल
मेरा एकान्त
मेरा जीवन
मेरा राज्य
मेरी साध
मोल
याद
वरदान
विसर्जन
विस्मृति
सन्देह
समाधि के दीप से
संसार
सूनापन
सूना संदेश
स्मृति-विस्मृति तिमिर में दीप हो (नीहार)
स्मारक
स्वप्न-इन हीरक से तारों को
 
 
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